चीन ने अमेरिका से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक मसौदा प्रस्ताव ‘‘जबरदस्ती पेश कर’’ इस मुद्दे को जटिल नहीं बनाने का बृहस्पतिवार को आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र में खूंखार आतंकी मसूद अजहर पर बैन के मुद्दे को लेकर जल्द ही अमेरिका और चीन में तगड़ी भिड़ंत हो सकती है।
चीन जहां पाकिस्तान में बैठे मसूद अजहर को आतंकी नहीं मानता है वहीं अपने यहां के उइगर मुस्लिम उसको आतंकी दिखाई देते हैं। बता दें कि हाल ही में चीन ने दावा किया था कि उसने हिंसाग्रस्त शिनजियांग प्रांत में 2014 से जारी कार्रवाई के तहत अब तक करीब 13 हजार आतंकियों को गिरफ्तार किया है।
पाकिस्तान ने पुलवामा आतंकवादी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन के देश में शिविरों की मौजूदगी के संबंध में बुधवार को भारत से और सबूत मांगे हैं।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी की सूची में शामिल करवाने के लिये फ्रांस ने यूरोपीय संघ (ईयू) से संपर्क किया है
पारंपरिक रूप से होली पर होने वाले होलिका दहन के दौरान इस साल बिहार की राजधानी पटना के एक हिस्से के रहवासियों ने जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर और मुंबई हमले के सरगना हाफिज सईद के पुतलों को इस होली पर जलाने के लिए सड़क पर लगाया है।
साथ ही चीन के अखबार ने चेताया, 'यदि आने वाले लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी राष्ट्रवाद को उभारने और लोकप्रियता हासिल करने के लिए चीन का डर दिखाएंगे तो यह खतरनाक होगा।'
मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन के अड़ंगा लगाने से गिर गिया था जिसके बाद जर्मनी ने ये पहल की है।
मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की पहल तेज़ | यूरोपियन यूनियन में मसूद को बैन करने का प्रस्ताव लाएगा जर्मेनी |
अंडरवर्ल्ड डॉन अब 64 साल का है, और उसने प्लास्टिक सर्जरी करवाकर अपना चेहरा बदल लिया है।
ऐसा माना जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन, चीन के साथ गहन ‘‘सद्भावना’’ वार्ता कर रहे हैं, ताकि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित करने को लेकर कोई ‘‘समझौता’’ किया जा सके।
फ्रांस में आतंकी मसूद अज़हर की संपत्तियां होंगी ज़ब्त
"चीन का इस आतंकवादी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए सहयोग से इनकार करना मोदी सरकार की झूला कूटनीति की विफलता का बेहतरीन उदाहरण है।"
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मसूद अजहर जनवरी 1994 में जब पहली बार भारत आया था तो वह राजधानी के संभ्रांत इलाके चाणक्यपुरी इलाके में स्थित एक होटल में ठहरा था।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि भाजपा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का दावा नहीं कर सकती है क्योंकि मसूद अजहर के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
आतंकी गुट जैश ए मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के मामले में चीन के वीटो के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा ने सवाल किया कि जब आतंकवाद पर समग्र राष्ट्र को पीड़ा होती है तो आपको खुशी क्यों होती है?
मसूद अज़हर के मामले पर कांग्रेस और बीजेपी में शुरु हुई ज़ुबानी जंग
‘‘यदि चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है, तो जिम्मेदार सदस्य देश सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। ’’
कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा ने आज कहा कि आपकी विरासत के कारण ही चीन सुरक्षा परिषद का सदस्य है।
बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार, पूछा अगर चीन से इतने अच्छे संबंध थे तो लाभ क्यों नहीं उठाया | इसके साथ ही बीजेपी ने राहुल गांधी पर चीन के राजदूत के साथ सीक्रेट मीटिंग करने का आरोप लगाया |
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