SBI, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एचडीएफसी बैंक पहले घटा चुके हैं दरें
6 कंपनियों की रेटिंग गिरावट के बाद ‘जंक’ स्तर से सिर्फ एक कदम ऊपर
मांग बढ़ाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार सरकार
वित्त मंत्री ने पिछले सप्ताह पांच किस्तों में 21 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, जिसमें कई योजनाएं बैंकों के जरिये ही आगे बढ़ेंगी।
8 से 15 मई के बीच एक हफ्ते में 50 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को मिली मंजूरी
IOB की नई दरें 10 मई और BoM की नई दरें 7 मई से लागू होंगी
विलय के बाद तकनीक औऱ शाखाओं पर लागत घटने की उम्मीद
मंत्रीमंडल ने कंपनी कानून में भी बदलाव को मंजूरी दी है, जिसके तहत 40 कानूनों को आपराधिक दर्जा से बाहर किया जाएगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि वो सरकारी बैंकों के एकीकरण की योजना से पीछे नहीं हटेगी
ओएनजीसी, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) तथा अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां अगले वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 98,521 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
साधारण बीमा कंपनियों का प्रीमियम संग्रह दिसंबर महीने में 11.5 प्रतिशत बढ़कर 15,980.81 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
बीमा नियामक इरडा सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों विलय के साथ उन्हें एक से अधिक बीमा कंपनियों में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने त्योहारों के दौरान अक्टूबर-नवंबर में रिकार्ड 4.91 लाख करोड़ रुपए के कर्ज बांटे।
वित्त मंत्रालय ने कॉरपोरेशन बैंक और आंध्र बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में प्रस्तावित विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
सरकार ने सितंबर में सरकारी बैंकों से कर्ज वितरण बढ़ाने और 400 जिलों में लोन मेला आयोजित करने के लिए कहा था
उद्योग मंडल फिक्की ने सरकार के भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), शिपिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया (एससीआई) और कंटेनर कॉरपोरेशन आफ इंडिया (कॉन्कॉर) में हिस्सेदारी बिक्री के फैसले का स्वागत किया है।
आज (शुक्रवार) से बैंक और लेन-देन से जुड़े कई ऐसे नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कंपनी अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है ताकि यह दंडात्मक न लगे, सरकार बड़े सुधारों पर काम करती रहेगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार (14 अक्टूबर) को सार्वजनिक बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के करीब आधा दर्जन बैंकों ने अपने ऋण की ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है।
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