मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए और डियरनेस राहत 58% है।
तेलंगाना में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार अब हर महीने लगभग ₹6,000 करोड़ वेतन और पेंशन पर खर्च कर रही है, जो राज्य गठन के समय 2014 में किए जाने वाले खर्च का लगभग चार गुना है।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में ‘इन्फ्लेशन लिंक्ड सैलरी रिवीजन एक्ट’ लाने की मांग की। उनका कहना है कि 2018-26 के बीच महंगाई के कारण सैलरीड वर्ग की वास्तविक आय 16% घटी है। यह कानून निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को महंगाई से सुरक्षा देकर उनकी क्रय शक्ति और सम्मान की रक्षा करेगा।
सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट को लॉन्च कर दिया है। पोर्टल पर अंग्रेजी और हिंदी दोनों में 18 सवालों वाली प्रश्नावली जारी की गई है।
रिपोर्ट बताती है कि अब शॉर्ट-टर्म इंसेंटिव्स यानी परफॉर्मेंस से जुड़े बोनस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने तक कर्मचारियों के सभी भत्ते जारी रहेंगे, और डीए में होने वाली नियमित वृद्धि कर्मचारियों की क्रय शक्ति को मजबूत बनाएगी।
नए साल में हरियाणा सरकार ने अपने पार्ट-टाइम और डेली वेज वर्कर्स को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने उनके वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो आगामी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3% महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा। यह राशि अक्टूबर की सैलरी और पेंशन के साथ दी जाएगी, जो नवंबर में भुगतान के रूप में मिलेगी।
एओएन के एक सर्वे में कहा गया है कि रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर (10.9%) और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (10%) 2026 में सबसे बड़ी वेतन वृद्धि होने के आसार हैं। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 2025 में भारत में कर्मचारियों की छोड़ने की दर घटकर 17.1 प्रतिशत हो गई है।
बिहार में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के लिए सीएम नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी साझा की है।
जुलाई 2025 में, TCS ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी की घोषणा करते हुए 12,000 मिड और सीनियर लेवल कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। यह कंपनी की कुल 6 लाख ग्लोबल वर्कफोर्स का करीब 2% हिस्सा था।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने इस तिमाही में 625 कर्मचारियों को जोड़ा, जिससे इसके कुल कर्मचारियों की संख्या 6 लाख से अधिक हो गई।
बिहार में राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के वेतन और भत्तों में भारी वृद्धि की गई है। इसके साथ ही नीतीश कैबिनेट की बैठक में 27330 पदों पर होगी बहाली करने का भी निर्णय लिया गया है।
आज कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है स्किल्ड पेशेवरों की कमी। कंपनियां अपने कर्मचारियों को अपस्किलिंग और रीस्किलिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
केंद्र ने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 55 प्रतिशत करने का फैसला किया है। सरकार ने महंगाई को ध्यान में रखते हुए अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ये एक बड़ा कदम उठाया है। बताते चलें कि महंगाई भत्ते का भुगतान, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर किया जाता है।
वेतन वृद्धि की योजना चरणबद्ध तरीके से बनाई गई है, जिसका दूसरा चरण अप्रैल 2025 में शुरू होगा। वित्तीय वर्ष 2025 में टीसीएस को छोड़कर ज्यादातर आईटी कंपनियों ने सैलरी में बढ़ोतरी साइकल में देरी की।
जानकार का कहना है कि देश में वेतन वृद्धि 2025 में स्थिर होने की उम्मीद है। भारत की आर्थिक संभावनाएं स्थिर बनी हुई हैं, ग्रामीण मांग में सुधार और निजी खपत में गति बनी हुई है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में जोरदार बढ़ोतरी हो जाएगी। सरकार पर इसकी अतिरिक्त लागत भी काफी बढ़ जाएगी।
त्रिपुरा विधानसभा ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पारित हो गया है। जानिए कितनी बढ़ेगी सैलरी?
ऑटो कंपनियों में कर्मचारियों का वेतन 10 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। पिछले साल यह 8.8 प्रतिशत रहा था। यह इलेक्ट्रिक वाहनों में वृद्धि तथा सरकार के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के कारण संभव हो पाया है।
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