मौसम बदलते ही ज्यादातर लोगों को सर्द गर्म की समस्या शुरू हो जाती है। यह समस्या ज्यादातर तब उत्पन्न होती है जब आप ठंडे AC वाले कमरे से निकलकर तेज धूप में जाते हैं या तेज धूप से निकलकर सीधे किसी ठंडी जगह पर जाते हैं। ऐसे में आपको सर्दी-खांसी, बुखार या अन्य दिक्कतें आ सकती हैं। आपको यह जानकार खुशी होगी कि यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक स्थिति है जिससे परहेज करके बचा जा सकता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा से जानते हैं सर्द गरम से कैसे बचें?
सर्द-गरम का मतलब क्या है?
सर्द-गरम को वैसे तो आम बोलचाल की भाषा में ही उपयोग किया जाता है क्योंकि इसके लिए कोई मेडिकल टर्म नहीं है। साधारण भाषा में इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जब किसी व्यक्ति का अचानक तापमान बदलने से शरीर में किसी प्रकार का असंतुलन हो जाना। जब भी आप किसी एक निश्चित उच्च तापमान से अचानक ठंडी जगह पर जाते हैं तो आपका शरीर उस बदलाव के लिए तैयार नहीं होता है और ऐसे में आपको सर्द गरम की समस्या हो सकती है।
एसी से धूप में जाने पर शरीर में क्या होता है?
आपका शरीर तभी तक स्वस्थ रहता है जब वह अपना एक निश्चित तापमान बनाए रखता है और यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। जैसे ही उसका संतुलन खराब होता है और आप तेज धूप से ठंडे कमरे में जाते हैं तो आपका शरीर उस अचानक से होने वाले परिवर्तन के लिए तैयार नहीं होता है। ऐसी स्थिति में आपकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने के कारण किसी भी वाइरस या बैक्टीरिया का प्रभाव तेजी से आपके ऊपर हो सकता है।
सर्द गरम से बीमार क्यों पड़ते हैं?
तापमान में अचानक बदलाव- सामान्यतः आपके शरीर को तापमान में धीरे-धीरे बदलाव की आदत होती है, लेकिन यही बदलाव जब अचानक से होता है तो आपके शरीर के लिए सर्द गरम का काम कर सकता है।
पसीना और ठंडी हवा- तेज धूप में पसीना आना सामान्य सी बात है लेकिन जब इसी पसीने के साथ आप ठंडी ऐसी या कूलर के सामने आते हैं तो आपको ठंड के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है।
इम्यून सिस्टम पर असर- बार-बार होने वाले इस तापमान के बदलाव से आपकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है और आप बीमार पड़ सकते हैं।
वायरल इंफेक्शन का खतरा- किसी भी बंद कमरे में वायरस तेजी से फैलता है और AC वाले कमरे में अक्सर लोग कमरा बंद करके रखते हैं ऐसे में सर्द गरम होने की संभावना बढ़ जाती है।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद में सर्द गरम की समस्या को मुख्य रूप से वात और कफ के असंतुलन का परिणाम माना गया है। जब भी गर्मी के मौसम के बाद अचानक से ठंडा होता है तो आपके शरीर में कफ का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे आपको सर्दी-जुकाम, बुखार, सिरदर्द या गले में खराश जैसी दिक्कत हो सकती है।
सर्द गरम से बचाव कैसे करें?
- तेज धूप से जैसे ही कमरे में आएं शरीर को थोड़ा एडजस्ट होने दें उसके बाद ही AC या कूलर चलाएं।
- बाहर या धूप से आने के बाद सीधे फ्रिज़ का ठंडा पानी न पिएं।
- किसी ठंडी जगह पर जाने से पहले शरीर का तापमान संतुलित होने दें।
- गर्मी में शरीर को दिनभर हाइड्रेटेड रखें।