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92 साल की छात्रा: बैसाखी के सहारे पहुंचीं एग्जाम सेंटर, कांपते हाथों से लिखी परीक्षा; VIDEO

 Published : Sep 27, 2023 05:32 pm IST,  Updated : Sep 27, 2023 05:32 pm IST

भारत सरकार का साक्षर भारत मिशन निरिक्षरों को कैसे साक्षर बना रहा है, इसकी बानगी बुलंदशहर में देखने को मिली। यहां 92 साल की सलिमन ना केवल बैसाखी का सहारा लेकर नव भारत साक्षर परीक्षा केंद्र पहुंचीं, बल्कि उन्होंने कांपते हाथों से परीक्षा में हिस्सा भी लिया।

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परीक्षा देने पहुंचीं 92 साल की दादी Image Source : INDIA TV

भारत सरकार का वो साक्षर भारत मिशन रंग ला रहा है जिसमें सरकार 15 साल या उससे अधिक की आयु के सात करोड़ लोगों को कार्यात्मक साक्षरता देने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात ये है कि सरकार के इस मिशन में वो लोग भी साक्षर हो पा रहे हैं जो जागरूकता की कमी या फिर तंगहाली के चलते निरक्षर ही वृद्ध हो गए। ऐसी ही एक तस्वीर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आई। यहां 92 साल की वृद्ध महिला ने भी शिक्षा पाने की ठानी और नव साक्षर परीक्षा भी दी है।

92 साल की सलीमन की कहानी

दरअसल, 92 साल की बुलंदशहर की रहनी वाली सलिमन बचपन से ही पढ़ना चाहती थीं। मग़र परिवार का इस ओर ध्यान नहीं गया और 14 साल की उम्र में ही सलिमन का निकाह कर दिया गया और वह ग्रहस्ती में ऐसे उलझीं कि पढ़ने का उनका सपना चकनाचूर हो गया। एक वक्त था जब सलीमन मामूली नोटों का हिसाब तक नहीं जोड़ पाती थीं। मगर नव भारत साक्षर अभियान ने अब उन्हें ना केवल वह गिनती गिनने लायक साक्षर बना दिया बल्कि अब वह अपने हस्ताक्षर समेत अक्षरों को पहचान व लिख सकती हैं।

कांपते हाथों से लिखे परीक्षा में जवाब
बता दें कि नव साक्षर कार्यक्रम के तहत जिले में नव साक्षर परीक्षा आयोजित कराई गई। इसमें 92 साल की सलीमन ने भी कांपते हाथों से पैंसिल थामी और सवालों के जवाब लिखे। परीक्षा में चित्र आधारित सवाल पूछे गए और इस दौरान अन्य लोगों ने भी उत्साह के साथ परीक्षा दी। सदर ब्लॉक के गांव चावली स्थित परिषदीय स्कूल में 95 साल की सलीमन परीक्षा में शामिल हुईं और उन्होंने उत्तर पुस्तिका में सवालों के जवाब दिए। परीक्षा देकर जब वह
बाहर निकली तो उनका उत्साह देखने के लायक था। 

बीएसए के मुताबिक जिले में 19,975 लक्ष्य के सापेक्ष 21,000 असाक्षरों का चिह्नित किया गया था। इसमें से 7,263 नव साक्षरों की 19 मार्च को परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए 2,863 नव साक्षर पंजीकृत थे और जिला कारागार सहित 267 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित कराई गई थी।

(रिपोर्ट- वरुण शर्मा)

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