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राम मंदिर के चढ़ावे की काउंटिंग में बड़े बदलाव, स्टाफ को दी गई डांगरी; गिनती के वक्त पुलिस के जवानों की भी रहेगी तैनाती

 Reported By: Pawan Nara Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jul 01, 2026 02:48 pm IST,  Updated : Jul 01, 2026 02:49 pm IST

राम मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की गिनती करने की प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। साथ ही, काउंटिंग करने वाले स्टाफ को खास ड्रेस भी दी गई है।

Ayodhya Ram Mandir donation- India TV Hindi
राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। Image Source : PTI

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की काउंटिंग का सिस्टम काफी बदल गया है। चढ़ावा चोरी केस के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। अब कैश की गिनती करने वाले स्टाफ के लिए बिना जेब वाली स्पेशल ड्रेस, कई बार चेकिंग, जमीन पर बैठकर काउंटिंग और पूरे प्रोसेस की वीडियोग्राफी करने जैसी कई नई अहम व्यवस्थाएं लागू कर दी गई हैं। अब चढ़ावे की गिनती कैसे होगी? आइए इस खबर में जानते हैं।

राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में बदलाव

  • नए ड्रेस सभी काउंटिंग स्टाफ को दिए गए हैं। ⁠डार्क ब्लू रंग की डांगड़ी, कैश काउंटिंग में लगे स्टाफ को दी गई है। ⁠इसमें जिप लगा होता है, कोई पॉकेट नहीं होता और ये इंसान को पूरी तरह से पैक कर देता है।
  • ⁠पहले टेबल पर कैश रख कर काउंटिंग होती थी लेकिन अब जमीन पर बैठकर काउंटिंग होती है।
  • कैश काउंटिंग के समय SIS सिक्योरिटी के 5 लोग निगरानी में होते हैं। ⁠चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दो पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं और ⁠दो बैंक स्टाफ और दो ट्रस्ट के लोग होते हैं।
  • कैश काउंटिंग स्टाफ की अब तीन बार एंट्री होती है। ⁠दो जगह पर चेकिंग की जाती है।
  • पूछताछ काउंटिंग में लगे सभी स्टाफ से हुई थी लेकिन सभी को हटाया नहीं गया है।
  • ⁠सुबह 8 बजे से 2 बजे तक और 2 बजे से 10 बजे तक दो शिफ्ट में काउंटिंग होती है।
  • ⁠पूरे प्रोसेस की वीडियोग्राफी होती है।

डांगरी क्या होती है?

कपड़ों की भाषा में डांगरी यानी Dungaree एक प्रकार की खास वन-पीस पोशाक होती है। इसमें नीचे का हिस्सा पैंट और ऊपर का भाग एक 'बिब' यानी छाती को ढकने वाला होता है। ये आपस में जुड़ा होता है, जो कंधों पर लगे पट्टों के सहारे रुका होता है।

अविनाश शुक्ला पर हुआ नया खुलासा

चढ़ावा चोरी के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। प्रभु श्रीराम के मंदिर से चढ़ावे की चोरी में शामिल एक-एक किरदार सामने आ रहे हैं। अब दान के रकम में चोरी के आरोप में गिरफ्तार अविनाश शुक्ला पर नया खुलासा हुआ है। अविनाश अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ योग सेंटर में रहता था। इसी योग सेंटर से 5 जून को 5 लाख रुपये की रिकवरी हुई थी।

अभिषेक की नौकरी अविनाश ने ही लगवाई थी

गौरतलब है कि अभिषेक ने ही अविनाश को मंदिर में नौकरी दिलवाई थी। अविनाश शुक्ला पर दान के पैसे को काउंटिंग रूम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी लेकिन अविनाश के कमरे में एक संदूक बरामद हुआ है, जिसपर राम राज्य कोष का बार कोड लगा हुआ है।

सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी लवकुश और अनुकल्प ने बनाई

पुलिस ने बीते मंगलवार को जेल में अविनाश से 2 घंटे तक पूछताछ की। हालांकि, पुलिस की जांच में सामने आया है कि चंदे की चोरी से सबसे अधिक प्रॉपर्टी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने बनाई है। दोनों ने 5-6 प्रॉपर्टी खरीदी हैं।

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