उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हनी ट्रैप गैंग का अनोखा मामला सामने आया है, जो अक्सर प्रधानी चुनाव में सक्रिय होकर पहले चुनाव में खड़े उम्मीदवार को अपने चुंगल में फंसाता था और फिर पीड़ित पर या तो चुनाव में बैठने का दबाव बनाता था या फिर उससे फर्जी मुकदमे के एवज में मोटी रकम ऐंठा करता था। पुलिस ने पूरी गैंग का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है।
शनिवार को एक व्यक्ति ने नई मंडी कोतवाली में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि क्षेत्र के आफताब, रियासत, परवेज, साजिद और वरजिना नाम की महिला एक हनी ट्रैप का संगठित गैंग चला रहे हैं। यह गैंग भोलेभाले लोगों को अपने चुंगल में फंसा कर उनसे मोटी रकम ऐंठने का काम करता है। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर गहनता से जांच पड़ताल कर इस गैंग के 4 सदस्य आफताब, रियासत, साजिद और वरजीना को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया है। इस गैंग का एक सदस्य परवेज अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
आलाधिकारियों की माने तो इस गैंग के सदस्यों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह अधिकतर प्रधानी चुनाव में खड़े हुए उम्मीदवार को अपनी साजिश में फंसाते थे। इसके बाद थाने में झूठा मुकदमा छेड़छाड़ दुष्कर्म का दर्ज कराकर या तो चुनाव में उस पीड़ित उम्मीदवार को बैठने का दबाव बनाते थे या फिर उससे मोटी रकम ऐंठ लिया करते थे। इसके अलावा भी इस गैंग ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है, जिसके चलते मुजफ्फरनगर सहित हरिद्वार जनपद में भी इस गैंग पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि हरिद्वार का मामला भी संज्ञान में आया है। नई मंडी का मामला भी संज्ञान में आया है। सिखेड़ा और सिविल लाइंस में कई मामलों में एप्लीकेशन देने के बाद जब पैसा मिल जाता था। तो महिला समझौता कर लेती थी। इस प्रकार से मामला संज्ञान में आने के बाद नई मंडी थाने में अभियोग दर्ज किया गया है। सीओ नई मंडी और एसपी सिटी द्वारा इसमें जांच की गई। इस पूरे गैंग का पर्दाफाश किया गया है। तथा इसमें इतने लोग गिरफ्तार करके जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गैंग के लोगों ने 10 से 15 लाख रुपए ठगे हैं। कई लोग ऐसे हैं जो प्रधानी के पद के चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्हें भी इस तरह फंसा करके प्रधानी के चुनाव से लड़ने से रोक दिया है। इसके लिए भी उन्होंने प्रयास किया है। बाकी पैसे तो उन्होंने कमाए ही हैं। एक होटल का नाम भी इसमें सामने आ रहा है। जो बाईपास पर है, जहां पर बैठकर यह समझौता करते थे। समझौता हुआ भी था। जांच की जा रही है। होटल के खिलाफ भी अन्य लोग जो भी इसमें शामिल है। उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस टीम को 15000 का इनाम भी दिया जा रहा है।
(मुजफ्फरनगर से योगेश त्यागी की रिपोर्ट)
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