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नोएडा में बवाल के बीच अलर्ट मोड में अधिकारी, ग्राउंड जीरो पर दिखीं DM मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Apr 13, 2026 10:53 pm IST,  Updated : Apr 13, 2026 10:53 pm IST

नोएडा में सैलरी बढ़ाने के साथ अन्य मांगों को लेकर श्रमिकों में नाराजगी थी, जिसने बाद में हिंसक आंदोलन का रुख ले लिया। इस आंदोलन के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

Noida riots- India TV Hindi
DM मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लिया Image Source : X/@MEDHAROOPAM

नोएडा: नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन के उग्र होने के बाद इस मामले की चर्चा पूरे देश में हुई। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। हिंसक भीड़ ने कई कारों में तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को सख्ती भी करनी पड़ी। 

नोएडा के इस हिंसक आंदोलन के बीच आला अधिकारी भी अलर्ट मोड में नजर आए और उन्होंने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। DM मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सुरक्षा किट के साथ मौके पर मौजूद नजर आईं और पल-पल के अपडेट्स लेती रहीं। 

डीएम और पुलिस कमिश्नर ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और संबंधित अधिकारियों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। 

नोएडा में क्यों हुआ बवाल?

श्रमिक अपने वेतन की वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ये श्रमिक नोएडा में अलग-अलग जगहों पर काम करते थे और उनका कहना था कि उनको मिलने वाली सैलरी इतनी कम है कि नोएडा जैसे शहर में गुजारा करना बहुत मुश्किल हो रहा है लेकिन उनकी मांगों को कोई सुनने वाला नहीं है। 

ये प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से चल रहा था, लेकिन 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को यह हिंसक हो गया। नोएडा फेज-2, सेक्टर-84 आदि इलाकों में श्रमिकों ने सड़कें जाम तक दीं और पथराव भी किया। गाड़ियों में आगजनी और पुलिस वैन पर हमला हुआ। 

उच्च स्तरीय समिति गठित

इस मामले में सीएम योगी के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश कानपुर सहित मंडलायुक्त मेरठ मंडल मेरठ, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर व प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गण मौजूद रहे।

 

बैठक में समिति द्वारा जनपद की विभिन्न कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना गया।

 

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