प्रयागराजः प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर सियासत गरमा गई है। सपा नेता और यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने बुधवार को माघ मेले में पहुंचे और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। उन्होंने शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया। इस दौरान सपा नेता ने विधानसभा में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मुद्दे उठाने का ऐलान किया।
यूपी विधानसभा में अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे को उठाएगी सपा
मुलाकात के बाद माता प्रसाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए बर्ताव की कड़ी निंदा की। सपा नेता ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को उन्होंने आश्नासन दिलाया है कि उनके साथ हुए बर्ताव के मुद्दे को उनकी पार्टी यूपी विधानसभा में उठाएगी। इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद से सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी फोन पर बातचीत कर चुके हैं। जबकि कांग्रेस नेता अजय राय भी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर चुके हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन को भेजा जवाब
इससे पहले माघ मेले के प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी कर उनसे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में खुद को पेश करने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। यह नोटिस सोमवार को दिया गया था। जिसका जवाब अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को दिया। अब इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी प्रशासन को लीगल नोटिस भेजा है और 24 घंटे में नोटिस वापस लेने को कहा है।अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शंकराचार्य लिखने पर रोक नहीं लगाई है। उनका पट्टाभिषेक भी कोर्ट के ऑर्डर से पहले ही हो चुका है।
मेला प्रशासन से नाराज हैं अविमुक्तेश्वरानंद
बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज प्रशासन से नाराज हैं। वह पहले अफसरों से भिड़े....फिर बिना स्नान किए लौट गए और अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए। जब प्रशासन का नोटिस मिला तो और भड़क गए हैं। उनका कहना है कि वो शंकराचार्य हैं या नहीं ये पूछने वाला प्रशासन कौन होता है। इसी सवाल विपक्ष भी सरकार पर उठा रहा है।
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