Viral Video: सोशल मीडिया पर बेंगलुरु जैसे कई शहरों के ऑटो रिक्शा चालकों के वायरल वीडियो आपने देखे होंगे। ज्यादातर वीडियो में ऑटो रिक्शा चालकों को उनके व्यवहार के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। मगर इस बार भी एकदम विपरीत वीडियो सामने आया है।
दरअसल, बेंगलुरु के इस वीडियो को 'एक छोटा सा रिमाइंडर कि हमारे आसपास अभी भी अच्छे लोग हैं' शीर्षक से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। वीडियो में बेंगलुरु के सकारात्मक और दयालु पक्ष को उजागर किया है, जहां एक ऑटो रिक्शा चालक ने यात्री के पैसे लौटाने के लिए विशेष प्रयास किया।
रेडिट पोस्ट वायरल
इस पोस्ट को रेडिट पर r/bangalore ग्रुप पर snowMan0007here नामक हैंडल से शेयर किया गया है। यूजर ने रेडिट पर लिखा है कि, 'मैंने रैपिडो ऑटो का इस्तेमाल किया। राइड के बाद, मैंने यूपीआई के ज़रिए पेमेंट किया, लेकिन बैंक की कुछ समस्या के कारण पेमेंट पेंडिंग दिखा रहा था। फिर उन्होंने मुझे एक और यूपीआई आईडी दी और पेमेंट करने को कहा। मैंने किया और पेमेंट सफलतापूर्वक हो गया।' हालांकि, कुछ ही समय बाद, पहला भुगतान सफल घोषित हो गया, जिसका मतलब था कि ऑटो चालक को दोगुनी राशि मिल गई थी। उसने तुरंत अतिरिक्त पैसे वापस करने की कोशिश की, लेकिन उसका यूपीआई कार्ड बार-बार विफल हो रहा था। यूजर ने बताया कि, 'उसने दो बार कोशिश की, दोनों बार नाकाम रहा। मुझे पहले से ही जल्दी थी क्योंकि मुझे डॉक्टर के पास जाना था। उसने मेरा नंबर मांगा और कहा कि वह बाद में भेज देगा। सच कहूं तो, मैंने यह सोचकर अपना नंबर दिया था कि शायद ये पैसे खो गए होंगे। लेकिन आज रात करीब 8:30 बजे, उसने वास्तव में पैसे वापस भेज दिए।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के वायरल होते ही इस पर कई यूजर्स के कमेंट्स सामने आए। एक यूजर ने लिखा कि, 'कितनी अफ़सोस की बात है। आजकल हम सभी को अच्छे काम करने वालों को याद रखने के लिए कहा जाता है। इसका मतलब है कि हम ऐसे युग में जी रहे हैं जहां नेक काम करने वाले दुर्लभ हो गए हैं। लेकिन इस संदेश को यहां साझा करने के लिए मैं आपकी सराहना करता हूँ।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'इसे पढ़कर अच्छा लगा, लेकिन यह देखकर दुख हुआ कि हम एक ऐसे समाज में बदल गए हैं जहां विश्वास कम हो गया है और ये चीजें सामान्य बात नहीं बल्कि अपवाद बन गई हैं।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'हालांकि ऐसा बहुत ही कम होता है। एक बार मैं परीक्षा के लिए देर हो गया था, इसलिए मैंने एक ऑटो लिया और परीक्षा केंद्र के बाहर रुक गया। मेरे पास खुले पैसे नहीं थे। ऑटो चालक को पता था, उसने कहा कि मेरे पास खुले पैसे हैं, उसने 500 का नोट लिया और तेजी से चला गया।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'मैंने बेंगलुरु में ऑटो चालकों के बारे में बहुत कुछ सुना है। मैं लगभग सात साल से यहां हूं और कई बार ऑटो की सवारी कर चुका हूं। मुझे कभी भी किसी बुरे व्यवहार का सामना नहीं करना पड़ा। वास्तव में, कई मौकों पर उन्होंने मेरी बहुत मदद की है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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