Viral Video : कई विदेशी पर्यटक और सोशल मीडिया यूजर्स भारत की बुराई करते नजर आते हैं। वे गंदगी, प्रदूषण, भीड़भाड़ और सिविक सेंस की कमी को मुख्य कारण बताते हैं। कई विदेशी महिलाएं स्टेयरिंग, अनचाहे सेल्फी और सुरक्षा की शिकायत करती हैं। हालांकि, ये सब कुछ नहीं है – भारत की अतिथि देवो भव वाली मेहमाननवाजी, विविधता और सस्ताई भी उन्हें आकर्षित करती है। बुराई अक्सर चुनिंदा नकारात्मक अनुभवों से बढ़ जाती है। मगर इस बार जो वीडियो वायरल हुआ है वो एक ऐसे विदेशी व्लॉगर का है जिसने चीन में बिताए हफ्तों के अपने अनुभव की तुलना भारत लौटने से की है। इससे एक ऐसी बहस छिड़ गई है जो जितनी असहज है उतनी ही जरूरी भी है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को @mr.schnaider नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में मिस्टर श्नाइडर नामक ट्रैवल व्लॉगर अपने अनुभव का वर्णन करते हुए कहते हैं, "चीन में 6 सप्ताह बिताने और उसके बाद 4 घंटे की छोटी उड़ान भरने के बाद, भारत में उतरना एक बिल्कुल अलग दुनिया में कदम रखने जैसा लगा।" उन्होंने बताया कि मात्र चार घंटे की उड़ान दूरी पर स्थित दोनों देश कितने अलग-अलग महसूस हुए। उन्होंने चीन की स्वच्छता, व्यवस्था और सुचारू प्रणालियों की प्रशंसा की, जबकि भारत में उन्हें कच्ची ऊर्जा, अराजकता, अत्यधिक भीड़भाड़ और स्पष्ट गरीबी देखने को मिली। वीडियो में उन्होंने कहा, "मुझे सबसे ज्यादा आश्चर्य इस विरोधाभास को देखकर हुआ।" उन्होंने भारत में अपने पहले दिन का अनुभव भी साझा किया: "लोग मेरे पास आकर मेरा हाथ पकड़ते हुए 'कृपया, कृपया' कहते रहे। लेकिन इस संस्कृति का मूल्यांकन करने वाला मैं कौन होता हूं? चीनी संस्कृति अलग है, भारतीय संस्कृति अलग है...!"
व्लॉगर से कुछ यूजर्स सहमत
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी और विभाजित प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। कई भारतीयों ने उनकी बातों से सहमति जताई। चीन में रहने वाले एक भारतीय यूजर ने टिप्पणी की, “मैं चीन में रहने वाला एक भारतीय हूं, और उन्होंने जो कुछ भी कहा वह बिलकुल सच है। नाराज़ होने के बजाय, हमें खुद को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। चीन वास्तव में स्वच्छ और सुव्यवस्थित है।” दूसरे ने लिखा कि, “मुझे कुछ नफरत भरे कमेंट्स दिख रहे हैं जिनमें उस व्यक्ति को वापस जाने के लिए कहा जा रहा है। अब समय आ गया है कि हम वास्तविकता को स्वीकार करें। वह अपना निजी अनुभव साझा कर रहा है, और दुर्भाग्य से, यह सच है। उम्मीद है, हम एक दिन सुधरेंगे।” एक यूजर ने कहा, “चीन में हर जगह चेहरे की पहचान करने वाली निगरानी प्रणाली है। नियमों का पालन न करने पर वे आपको घर से ही उठा लेंगे। अगर सरकार चीन की राह पर चलने लगी तो आप लोग बौखला जाएंगे। क्षेत्रों को साफ रखने की जिम्मेदारी नागरिकों की सरकार से कहीं अधिक है, लेकिन भारतीय इस बात को नहीं समझते।”
भारत के बचाव में उतरे लोग
कुछ लोगों ने भारत का बचाव करते हुए इसकी तुलना अन्य विकसित देशों से की, “क्या आप कभी कनाडा या अमेरिका गए हैं? वहां बहुत से बेघर लोग हैं, जबकि वे विकसित देश हैं।” एक अन्य यूजर ने इस बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, “भारत और चीन दोनों ही घनी आबादी वाले देश हैं, लेकिन उनके शासन मॉडल अलग-अलग हैं। चीन में नियंत्रण अधिक सख्त है। भारत एक लोकतंत्र है - इसकी ताकतें और चुनौतियां दोनों ही स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। अनुभव क्षेत्र के अनुसार बहुत भिन्न होता है। मैं ओडिशा में रहता हूं और मैंने अपने क्षेत्र में ज्यादा अराजकता नहीं देखी है।”
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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