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Visa से जुड़ी दिक्कतों ने तोड़ा भारतीय उद्यमी का सपना, कंपनी बेचकर देश छोड़ने को हुए मजबूर; Viral Post में छलका दर्द

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Feb 25, 2026 02:40 pm IST,  Updated : Feb 25, 2026 02:40 pm IST

Viral Post : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट ने काफी लोगों को दु:खी होने पर मजबूर कर दिया। मामला एक भारतीय उद्यमी से जुड़ा है जिन्होंने Visa से जुड़ी दिक्कतों के कारण कंपनी बेचनी पड़ी।

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भारतीय उद्यमी और उनकी पोस्ट। Image Source : LINKEDIN

Viral Post : वीजा से जुड़ी दिक्कतें भारतीय उद्यमियों के लिए वैश्विक विस्तार में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं, जिससे अमेरिकी जैसे देशों में वर्क परमिट (H-1B) रिजेक्शन, लंबी देरी और कठोर सामाजिक जांच के कारण स्टार्टअप फंडिंग, अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय और प्रतिभा के आदान-प्रदान में बड़ी गिरावट आ रही है। हालांकि, इस बार वीजा संबंधी दिक्कतों का ये मामला स्वीडन से आया है। स्वीडन में स्थापित अपनी कंपनी को बेचने के बाद स्वदेश लौटने की घोषणा करने वाले एक भारतीय उद्यमी का वीडियो वायरल हो रहा है। हाइड्रो स्पेस स्वीडन एबी के संस्थापक और सीईओ अभिजीत नाग बालासुब्रमण्य ने स्वीडन की शत्रुतापूर्ण, अव्यवस्थित इमीग्रेशन प्रोसेस और 'विदेशी-विरोधी' व्यवस्था पर प्रकाश डाला है। उन्होंने दावा किया कि, इन्हीं दिक्कतों के चलते उनको यूरोपीय देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

लिंक्डइन पोस्ट में छलका दर्द 

लिंक्डइन पोस्ट में बालासुब्रमण्य लिखते हैं कि, 'आज मैं आधिकारिक तौर पर हाइड्रो स्पेस स्वीडन एबी के संस्थापक और सीईओ पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने कंपनी बेच दी है क्योंकि मुझे इस महीने के अंत तक देश छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।' बालासुब्रमण्य ने आगे कहा: 'यह स्वेच्छा से लिया गया फैसला नहीं है। यह एक अक्षम और तेजी से शत्रुतापूर्ण होते जा रहे राज्य तंत्र द्वारा किया गया निष्कासन है। स्वीडन की स्टार्टअप-अनुकूल छवि एक दिखावा है, क्योंकि प्रवासन एजेंसी अपनी अक्षमता, कायरता और शत्रुता के कारण विदेशी उद्यमियों के लिए जीवन कठिन बना देती है। मेरा कानूनी रास्ता अपनाने का कोई इरादा नहीं है और इसके बजाय मैं अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए भारत लौटने की योजना बना रहा हूं। मेरे पास इतनी एनर्जी नहीं है कि मैं अपनी पूंजी एक ऐसी व्यवस्था के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने में खर्च करूं जो मूल रूप से टूटी हुई है और प्रतीत होता है कि विदेशियों के प्रति नफरत से ग्रसित है।' 

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Image Source : LINKEDIN वायरल पोस्ट।

यूजर्स ने शेयर किया एक्सपीरिएंस 

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'मैंने भी कुछ ऐसा ही अनुभव किया है और आप जो बता रहे हैं, उससे मैं काफी हद तक सहमत हूं।' दूसरे ने लिखा कि, 'हमारी कंपनी में भी कुछ ऐसी ही कहानी है आव्रजन कार्यालय (यानी एक दमनकारी संस्था) के साथ संघर्ष। ऐसा लगता है कि यह सिर्फ स्वीडन में ही नहीं, बल्कि एक वैश्विक चलन है।' तीसरे ने लिखा कि, 'स्वीडन में एक साथी प्रवासी उद्यमी के रूप में, अभिजीत, मैं आपके शब्दों में छिपी पीड़ा और निराशा को स्पष्ट रूप से समझ सकता हूं। स्वीडिश व्यवस्था आपको निवास देने से इनकार कर सकती है, लेकिन यह आपके भीतर मौजूद उद्यमशीलता की भावना को कभी नहीं मार पाएगी।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'प्रिय अभि, मैं आपको व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता, लेकिन स्वीडिश प्रवासन एजेंसी द्वारा आपके साथ किए गए व्यवहार के बारे में सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है। स्वीडन के लिए धन, रोजगार के अवसर और कर आय सृजित करने वाले एक उद्यमी के साथ इस तरह का व्यवहार करना कितना घृणित है।' 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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