Kedarnath Viral Video : केदारनाथ यात्रा मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है इसमें एक खच्चर पर एक भारी-भरकम तीर्थयात्री को मंदिर की ओर पहाड़ी पर ले जाते हुए देखा गया है। कई यूजर्स का दावा है कि उस व्यक्ति का वजन लगभग 140 किलोग्राम था, हालांकि उसके सटीक वजन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस वीडियो ने तीर्थयात्रा के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों ने इसे क्रूर और दर्दनाक बताया, वहीं अन्य लोगों ने इस प्रथा का बचाव किया।
इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @zindagi.gulzar.h नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में एक व्यक्ति खच्चर पर बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जो धीरे-धीरे केदारनाथ के कठिन ट्रेकिंग मार्ग पर चढ़ रहा है। भीड़भाड़ वाले पहाड़ी रास्ते पर चलते हुए जानवर को वजन के कारण संघर्ष करना पड़ रहा है। उस व्यक्ति ने हल्के नीले रंग की टी-शर्ट और बेज रंग की पैंट पहन रखी है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया।
यूजर्स ने इसे कहा 'पशु क्रूरता'
कई यूजर्स ने इस घटना की आलोचना की और तीर्थ स्थलों पर पशुओं की सवारी के लिए सख्त नियमों की मांग की। एक यूजर ने कहा, "मैं तो अवाक रह गया, अगर आप चल भी नहीं सकते या ट्रैक भी नहीं कर सकते... तो फिर क्यों???" एक अन्य ने टिप्पणी की, 'किसी निर्दोष जानवर के साथ क्रूरता करना पूरी तरह से गैरकानूनी है।' दूसरे ने लिखा कि, 'भयानक… यह पशु क्रूरता है।' तीसरे ने कहा कि, 'कर्म का फल जरूर मिलता है। 140 किलो का बोझ ढोने वाले उस बेचारे जानवर के साथ जो हुआ वह शब्दों से परे क्रूरता है। थोड़ी तो इंसानियत दिखानी चाहिए। खच्चर के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'यह भक्ति नहीं है। अगर आप इतने ही समर्पित हैं, तो अपने पैरों से जाइए, वरना चुप रहिए और घर पर सो जाइए। यह सरासर पशु क्रूरता है। सरकार को इस सुविधा को बंद कर देना चाहिए।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'ऐसे लोगों को पवित्र स्थानों पर नहीं आना चाहिए। अगर आप खुद चलने में असमर्थ हैं, तो मत जाइए। बेचारे जानवरों को सताना।' एक यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि, 'इससे तीन लोगों का पैसा लेना।'
कुछ यूजर्स ने खच्चर सेवा का किया बचाव
इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने खच्चर सेवा का बचाव भी किया। उन्होंने बताया कि कई बुजुर्ग या शारीरिक रूप से कमजोर तीर्थयात्री अपनी यात्रा पूरी करने के लिए इन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'हां हां, चाहे काट के खा जाओ तो चलेगा, उसमें कोई क्रूरता नहीं है, बस खच्चर से वजन लेकर करवाके किसी का घर चल रहा है और कोई शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति भगवान का दर्शन कर रहा है बस वही क्रूरता है।' दूसरे ने कहा कि, 'सरकार को कोई नियम लाना चाहिए, अस्वस्थ और अधिक वजन वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए... या फिर इस अधिक वजन के लिए अधिक शुल्क लेना चाहिए... हर 2 किलो पर 200 रुपये।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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