Viral Video : पेंगुइन के बाद इन दिनों आपने सोशल मीडिया पर जापानी मकाक बंदर पंच के दु:ख को महसूस किया होगा। पंच की मां ने, संभवतः अनुभवहीनता या गर्मी के तनाव के कारण उसे अस्वीकार कर दिया था। यही दु:ख अब उस मकाक बंदर यानी पंच के जीवन में आशा की नई किरण लेकर आया है। दरअसल, ये बातें हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पंच की तकलीफें देखकर कई लोगों से रहा नहीं गया और वे सब भी उसके दु:ख में शामिल हो गए। अब जापान के जिस चिड़ियाघर में ये बंदर रह रहा है वहां की स्थिति ये हो गई है कि बंदरों के बाड़े में 100 से अधिक आगंतुक उमड़ पड़े। वे केवल उस पंच की एक झलक पाने के लिए उमड़े थे।
रिकवर हो रहा है पंच
शुक्रवार को इचिकावा सिटी चिड़ियाघर में बंदरों के बाड़े में 100 से अधिक आगंतुक उमड़ पड़े, जो तस्वीरें खींच रहे थे और पंच का उत्साह बढ़ा रहे थे क्योंकि वह धीरे-धीरे अन्य बंदरों के पास जा रहा था। चिड़ियाघर के अधिकारियों का कहना है कि वह अच्छी तरह से घुलमिल रहा है, और प्रशंसक उसे व्यक्तिगत रूप से देखने के लिए उमड़ रहे हैं। कुछ लोग तो इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी देखने के बाद दूर-दूर से भी आए। इस महीने पंच की स्थिति में सुधार आने लगा क्योंकि वह झुंड के साथ घुलमिलने लगा, दूसरों को शरारत से छेड़ने लगा और डांट खाने लगा। उसे पहले भी दूसरे बंदरों से डांट पड़ चुकी है, लेकिन उसने उनके साथ घुलना-मिलना सीख लिया है। एक वीडियो में, घसीटे जाने के बाद पंच अपने ओरंगुटान खिलौने की ओर भागा, लेकिन फिर उसे छोड़कर दूसरों के साथ खेलने लगा।
इंस्टाग्राम पर शेयर हो रहे वीडियो
जापान के चिड़ियाघर में जैसे-जैसे लोग पहुंच रहे हैं वैसे-वैसे वे इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि,'हम आज सुबह से यहां हैं। हम शायद ही कभी चिड़ियाघर आते हैं, लेकिन हम प्यारे पंच को देखना चाहते थे।' फ्रांसीसी अखबार ले फिगारो के पत्रकार विन्सेंट जॉली ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'मैं पंच का हालचाल जानने के लिए इचिकावा चिड़ियाघर गया था। वहां मैंने देखा कि दर्जनों लोग दूर-दूर से उसका हालचाल जानने आए थे।'
एक अन्य आगंतुक ने एएफपी को बताया, 'वह इतना प्यारा है कि मुझे उसे देखने आना ही पड़ा। मैंने उसे पहचानने के लिए पहले से ही उसकी तस्वीरें देख ली थीं। मुझे थोड़ा दुख होता है कि वह इतनी जल्दी बड़ा हो रहा है, लेकिन यह देखकर राहत मिली है कि वह दोस्त बना रहा है।'
चिड़ियाघर ने जारी किया बयान
प्राइमेट जगत में, संवारना एक महत्वपूर्ण सामाजिक भाषा है जिसका उपयोग विश्वास बनाने, संबंधों को मजबूत करने और समूह के भीतर पदानुक्रम स्थापित करने के लिए किया जाता है। चिड़ियाघर ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर आगंतुकों से पंच के सामाजिक मेलजोल के प्रयासों में सहयोग करने का आग्रह किया, क्योंकि उसके समूह ने अभी तक कोई गंभीर आक्रामकता नहीं दिखाई है। चिड़ियाघर ने कहा, "हालांकि पंच को (अन्य बंदरों द्वारा) डांटा जाता है, लेकिन वह मानसिक शक्ति और सहनशीलता दिखाता है।"
पंच की कहानी
पंच का जन्म जुलाई 2025 में हुआ था, लेकिन उसकी माँ ने जन्म के तुरंत बाद उसे छोड़ दिया।
शुरुआत में दूसरे बंदरों के साथ घुलने-मिलने की उसकी कोशिशें नाकाम रहीं क्योंकि वे या तो उसे नज़रअंदाज़ करते थे या उसके साथ हिंसक व्यवहार करते थे। इसके बाद उसका एक मुलायम ऑरंगुटान खिलौने से गहरा लगाव हो गया, जिसका नाम उसने "ओरा-मामा" रखा है। यह खिलौना उसे सुकून और सुरक्षा प्रदान करता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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