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मछली के साथ तैरना और उनकी बातें सुनना, ये है दुनिया का सबसे अजीबोगरीब शौक

 Written By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Apr 14, 2025 06:04 pm IST,  Updated : Apr 14, 2025 06:04 pm IST

क्या आप दुनिया के अजीबोगरीब शौक के बारे में जानते हैं? शाद ही आप जानते हों। अगर नहीं जानते तो चलिए हम आपको इस बारे में बता देते हैं। दरअसल, दुनिया का अजीबोगरीब शौक मछलियों के साथ तैरना और उनकी बातें सुनना है। जापान में अधिकतर लोग ऐसा करते हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : SOCIAL MEDIA

क्या आपने कभी सोचा है कि मछलियों के साथ तैरते हुए कोई उनकी "बातें" सुन सकता है? नहीं ना? लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनका शौक इतना अजीब है कि सुनकर आपका दिमाग चकरा जाए। आज हम बात करेंगे एक ऐसी अनोखी चीज़ की, जो आपको हैरान कर देगी। हम बात कर रहे हैं मछलियों के साथ तैरने और उनकी "बातें" समझने के शौक के बारे में।

कहाँ से शुरू हुआ ये अजूबा?

जापान के एक छोटे से तटीय गाँव में रहने वाले योशिहीरो तनाका ने कुछ साल पहले एक अनोखा दावा किया। उनका कहना था कि वो मछलियों की "आवाज़" सुन सकते हैं। अब ये आवाज़ कोई गाना-वाना नहीं, बल्कि योशिहीरो के मुताबिक, मछलियाँ अपने बुलबुले और तैरने की गति से "बात" करती हैं। योशिहीरो हर सुबह अपने गाँव के पास समुद्र में गोता लगाते हैं, घंटों मछलियों के झुंड के साथ तैरते हैं, और फिर डायरी में लिखते हैं कि मछलियों ने क्या "कहा।"

समुद्र की मछलियां
Image Source : SOCIAL MEDIAसमुद्र की मछलियां

पर्यावरण के प्रति जागरूकता का अनोखा तरीका

पहले तो गाँव वालों ने इसे मज़ाक समझा, लेकिन धीरे-धीरे योशिहीरो की ये आदत सोशल मीडिया पर छा गई। उनकी वीडियोज़, जिनमें वो मछलियों के साथ तैरते हुए अजीबोगरीब इशारे करते हैं, अब लाखों लोगों ने देखी हैं। कुछ लोग इसे पागलपन कहते हैं, तो कुछ इसे पर्यावरण के प्रति जागरूकता का अनोखा तरीका मानते हैं।

क्या है इस शौक की सच्चाई?

वैज्ञानिकों का कहना है कि मछलियाँ सचमुच कुछ खास ध्वनियाँ और संकेतों के ज़रिए संवाद करती हैं, लेकिन ये इतना जटिल नहीं कि इंसान उसे "बातचीत" की तरह समझ सके। फिर भी, योशिहीरो जैसे लोग मानते हैं कि मछलियों के साथ समय बिताने से उन्हें मानसिक सुकून मिलता है। योशिहीरो ने एक इंटरव्यू में कहा, "मछलियाँ मुझे जज नहीं करतीं। उनके साथ तैरना ऐसा है, जैसे दुनिया की सारी चिंताएँ गायब हो जाएँ।"

सांकेतिक तस्वीर
Image Source : SOCIAL MEDIAसांकेतिक तस्वीर

दुनिया भर में फैला ये क्रेज

योशिहीरो का ये शौक अब जापान तक सीमित नहीं रहा। ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, और यहाँ तक कि भारत के कुछ तटीय इलाकों में लोग "मछली-बातचीत" क्लब बना रहे हैं। ये लोग समुद्र या एक्वेरियम में मछलियों के साथ समय बिताते हैं, और फिर सोशल मीडिया पर अपनी "कहानियाँ" शेयर करते हैं। इंस्टाग्राम पर #FishWhisperer हैशटैग के तहत हज़ारों पोस्ट्स हैं, जिनमें लोग मछलियों के साथ सेल्फी लेते हुए या उनके "मूड" का ज़िक्र करते दिखते हैं।

क्यों है ये इतना अजीब?

इस शौक की सबसे अजीब बात ये है कि ये विज्ञान और कल्पना का मिश्रण है। मछलियाँ भले ही इंसानों की तरह न बोलें, लेकिन उनके साथ समय बिताने का ये तरीका लोगों को प्रकृति से जोड़ रहा है। योशिहीरो जैसे लोग समुद्र को साफ़ रखने की वकालत भी करते हैं, और उनके फॉलोअर्स में कई ऐसे हैं, जो अब प्लास्टिक प्रदूषण के ख़िलाफ़ जागरूक हो रहे हैं।

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