Weird Rules: विश्व भर में ऐसे कई देश हैं जो अपने शांत वातावरण और वैसी ही लाइफस्टाइल के लिए काफी फेमस हैं। हर देश में शिष्टता और सौहार्द बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा कुछ कानून बनाए गए हैं जिनका अनुपालन करना सभी देशवासियों के लिए अनिवार्य होता है। हालांकि, ऐसे में कई बार अनोखे नियम और कानून भी चर्चा में आ जाया करते हैं। इन्हीं अजब-गजब कानूनों में से एक कानून टॉयलेट सीट को फ्लश करने को लेकर भी है।

जी हां, एक ऐसा देश भी विश्व में है जहां पर रात 10 बजे के बाद टॉयलेट फ्लश करना पूरी तरह से मना है। दरअसल, ये देश और कोई नहीं है बल्कि स्विट्जरलैंड है, जो मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के लिए वर्ल्ड फेमस हैं। यहां आने वाले लोगों के बीच ये कहानी अक्सर चलती रहती है कि, स्विट्जरलैंड में रात 10 बजे के बाद टॉयलेट फ्लश नहीं कर सकते हैं। क्या वाकई में स्विट्जरलैंड में लेट नाइट फ्लश करना गैरकानूनी है ? तो फिर आइए जानते हैं कि यह नियम सच है या महज एक मिथक है ?
लेट नाइट फ्लश का नियम
कई तरह के ट्रैवल ब्लॉग और ऑनलाइन वाद-विवादों में स्विट्जरलैंड का यह नियम जरूर प्रकाश में आ जाता है। वैसे यदि आप नहीं जानते हैं तो बता दें कि, स्विटजरलैंड अपने शांतचित्त माहौल के लिए प्रसिद्ध है और रात में यहां की शांति और भी ज्यादा होती है। ebnw.net के मुताबिक स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है कि, टॉयलेट के फ्लश की आवाज पतले अपार्टमेंट की दीवारों से भी गूंज सकती है और ये पड़ोसियों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। यही वजह है कि कई लोग इसे कानूनी प्रतिबंध के रूप में देखते हैं। बहरहाल, आपको ये भी बता दें कि, दरअसल, स्विट्जरलैंड में देर रात टॉयलेट में फ्लश करना का ये नियम कोई राष्ट्रीय कानून नहीं है। यह केवल एक नियम है जो कि मकान मालिकों द्वारा किरायेदारों के लिए निर्धारित किया जाता है। ऐसे घर के लिए नियमों को अक्सर हाउसॉर्डनंग (घर के नियम) कहते हैं। इसके तहत लेट नाइट फ्लश राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं हैं मगर लोगों ने ये नियम सद्भाव बनाए रखने के लिए डिजाइन किए हैं।

स्विस समाज में क्या कहते हैं नियम
स्विट्जरलैंड में अपनी संपत्तियों के लिए नियम बनाने का अधिकार मकान मालिकों को है, जिन्हें हाउसॉर्डनंग (Hausordnung) कहा जाता है। ये नियम कूड़ा डिस्पोज करने से लेकर शोर के लेवल और नाना प्रकार के व्यवहारों को कवर करते हैं। टॉयलेट फ्लश प्रतिबंध ऐसा ही एक नियम है जिसे कुछ मकान मालिक अपने समझौतों में शामिल करते हैं, खासकर पतली दीवारों वाली पुरानी इमारतों में जहां शोर होने की प्रबल संभावन होती है। गौरतलब है कि, ये नियम कानून द्वारा लागू नहीं होते, फिर भी किरायेदार इन्हें गंभीरता से लेते हैं। इनका उल्लंघन करने पर मकान मालिकों या पड़ोसियों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं, क्योंकि सामुदायिक जीवन का सम्मान स्विस संस्कृति में गहराई से समाया हुआ है। ध्वनि प्रदूषण को कम करने पर ज़ोर एक व्यापक सामाजिक मूल्य को दर्शाता है।

कानून नहीं केवल शिष्टाचार
यदि आपको अब भी स्पष्ट नहीं हुआ है तो बता दें कि, स्विट्जरलैंड में रात में शौचालय फ्लश करने पर रोक लगाने वाला कोई सरकारी कानून नहीं है। यह प्रतिबंध एक सामाजिक और मकान मालिक द्वारा लगाया गया दिशानिर्देश है। कई शहरी इलाकों में शांत रहने के माहौल को बढ़ावा देने के लिए रेंट एग्रीमेंट में ये नियम शामिल किए जाते हैं।

किरायेदारों को आमतौर पर देर रात शौचालय फ्लश करने से बचने की सलाह दी जाती है, हालांकि इसका पालन किस हद तक किया जाता है, यह अलग-अलग होता है।
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।