पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा चर्चा में आ गए हैं। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर यानी पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है। तृणमूल कांग्रेस अजय पाल शर्मा की नियुक्ति का विरोध कर रही है। TMC के नेताओं ने अजय पाल शर्मा पर जानबूझकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अब ये मामला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
वकील ने क्या दलील दी?
दरअसल, वकील ने कोलकाता हाई कोर्ट से अजय पाल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की है और TMC समर्थक कुछ वकीलों ने कई आरोप लगाते हुए कोर्ट का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। जस्टिस कृष्णा राव ने उन्हें याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है। वकील का आरोप है कि अजय पाल सिंह को पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, लेकिन वे पर्यवेक्षक के रूप में कार्य नहीं कर रहे हैं और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रहे हैं।
हाई कोर्ट के सामने वकील ने आरोप लगाया है कि IPS अजय पाल शर्मा आम जनता को डरा रहे हैं। ये भी कहा गया है कि उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वकील ने अनुरोध किया है कि न्यायालय अजय पाल शर्मा को नियमों के अनुसार कार्य करने का आदेश दे। वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की अपील की है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल चुनावों में पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के खिलाफ दायर मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि वे 29 अप्रैल तक इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। (रिपोर्ट: ओंकार सरकार)