कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 500 कंपनियों की तैनाती चुनाव बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 जून तक बढाने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने चुनाव के बाद की ड्यूटी के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती अक्टूबर के अंत तक बढ़ाने की मांग की थी। मंत्रालय ने कहा, पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर विचार किया गया है।
किस फोर्स की कितनी कंपनियां तैनात?
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि CAPF की 500 कंपनियां 20 जून तक राज्य में तैनात रहेंगी। इनमें CRPF की 200, BSF की 150 और CISF, आईटीबीपी और एसएसबी की 50-50 कंपनियां शामिल हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में CAPF की तैनाती बढ़ी
राज्य सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद के लिए इन सिक्योरिटी फोर्सेज को रखा गया है। इनकी तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। राज्य पुलिस और CAPF के बीच कोऑर्डिनेशन जारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में तैनात केंद्रीय बलों के लिए आवश्यक साजोसामान, आवास और अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा है।
अमित शाह के ऐलान पर अमल
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान अपनी एक रैली में कहा था कि चुनाव के बाद हिंसा पर काबू के लिए CAPF की 500 कंपनियां 60 दिनों तक राज्य में रहेंगी।
यह भी पढ़ें-
बंगाल के सरकारी स्कूलों के बाद अब सभी मदरसों के लिए भी आदेश, 'वंदे मातरम्' हुआ अनिवार्य