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भूकंप के झटकों से हिल गई कोलकाता की धरती, घरों से निकले लोग; जानें कहां था केंद्र

कोलकाता में सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता 5.5 रही। वहीं कोलकाता के अलावा पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

Reported By : Onkar Sarkar Edited By : Amar Deep Published : Nov 21, 2025 10:26 am IST, Updated : Nov 21, 2025 01:36 pm IST
कोलकाता में भूकंप के झटके।- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV कोलकाता में भूकंप के झटके।

इस वक्त की बड़ी खबर पश्चिम बंगाल की राजधानी से सामने आ रही है। यहां कोलकाता में शुक्रवार की सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 10:08 से 10:10 बजे के बीच कुछ सेकंड के लिए भूकंप के झटके महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश बांग्लादेश में घोड़ाशाल से 7 किलोमीटर दूर था। वहीं भूकंप की झटके कोलकाता के अलावा  मालदा, नादिया, कूचबिहार और कई अन्य जिलों में महसूस किए गए। फिलहाल अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक भूकंप की वजह से बांग्लादेश में 6 लोगों की मौत हो गई है।

बांग्लादेश में था भूकंप का केंद्र।

Image Source : REPORTER INPUT
बांग्लादेश में था भूकंप का केंद्र।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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