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क्या होगा नाम और चुनाव चिह्न? ममता को टक्कर देंगे हुमायूं कबीर, आज करेंगे नई पार्टी ऐलान

 Reported By: Onkar Sarkar Edited By: Niraj Kumar
 Published : Dec 22, 2025 10:42 am IST,  Updated : Dec 22, 2025 11:27 am IST

हुमायूं कबीर आज नए सियासी दल का ऐलान करने वाले हैं। 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हुमायूं कबीर का यह फैसला ममता की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

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हुमायूं कबीर Image Source : ANI

कोलकाता:पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और नए पार्टी की एंट्री होनेवाली है। 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ही तृणमूल से सस्पेंड हुए विधायक हुमायूं कबीर ने नया पार्टी घोषित करने का ऐलान किया है। आज, सोमवार को उनका नया दल घोषित होने वाला है। इससे पहले ही उनके दल का नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, हुमायूं कबीर के नए पार्टी का नाम "जनता उन्नयन पार्टी" होगा। मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा के मिर्जापुर से नए दल की घोषणा की जाएगी। वे मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद बनवा रहे हैं।

दरअसल, बंगाल की राजनीति में समीकरण बदल रहे हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले नौशाद सिद्दीकी ने इंडियन सेकुलर फ्रंट या आईएसएफ बनाई थी। नौशाद सिद्दीकी विधायक भी बने थे। अब 2026 के चुनाव से पहले हुमायूं कबीर भी अपनी नई पार्टी बना रहे हैं।  हुमायूं कबीर आज, सोमवार को दोपहर 1 बजे मिर्जापुर के मोड़ पर जनसभा से नए पार्टी की घोषणा करेंगे।

सूत्रों के अनुसार उनकी पार्टी का नाम 'जनता उन्नयन पार्टी' हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम भी घोषित करेंगे, इससे पहले 2016 में जब हुमायूं कबीर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े थे तब उनका चुनाव चिन्ह "टेबल" था। सूत्रों के मुताबिक, अपने नए दल के लिए 'टेबल'सिंबल ही वे चुनाव आयोग से मांगेंगे। अगर वह प्रतीक नहीं मिला तो दूसरी पसंद "जोड़ा गुलाब" है।

कौन हैं हुमायूं कबीर?

हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे पहले तृणमूल कांग्रेस में थे लेकिन बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने की घोषणा करने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा/रेजीनगर इलाके में अयोध्या की बाबरी मस्जिद के मॉडल पर आधारित एक नई मस्जिद की प्रतीकात्मक नींव रखी। यह मस्जिद बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाएगी। हालांकि इसका ढांचा मूल बाबरी मस्जिद से छोटा होगा। 

हुमायूं कबीर के कार्यक्रम में लाखों लोग शामिल हुए। कई लोग सिर पर ईंटें लेकर पहुंचे, और चंदे से अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बताया और ममता बनर्जी पर आग से खेलने का आरोप लगाया। हालांकि टीएमसी ने खुद को इससे दूर रखा और कबीर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।

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