Thursday, January 29, 2026
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ होगा 'खेला'? हुमायूं कबीर से इस बड़ी पार्टी के नेता ने की मुलाकात

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले CPM नेता मोहम्मद सलीम ने जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद दोनों में संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा गठबंधन ममता बनर्जी की TMC को नुकसान पहुंचा सकता है।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Jan 29, 2026 09:41 am IST, Updated : Jan 29, 2026 09:41 am IST
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Image Source : PTI FILE मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखकर हुमायूं कबीर चर्चा में आ गए थे।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पश्चिम बंगाल यूनिट के सचिव मोहम्मद सलीम ने जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर से मुलाकात की है। इस बैठक से दोनों पार्टियों के बीच चुनाव से पहले गठबंधन की संभावना पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। सलीम ने कहा कि चुनाव में सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर CPM के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट में चर्चा की जाएगी। उन्होंने हुमायूं कबीर से न्यू टाउन के एक होटल में करीब एक घंटे तक बैठक की थी।

'हम इस प्रस्ताव पर लेफ्ट फ्रंट में चर्चा करेंगे'

कबीर पहले तृणमूल कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले में एक नई बाबरी मस्जिद की नींव रखकर सूबे की सियासत में हलचल मचा दी थी। सलीम ने कहा, 'हम इस प्रस्ताव पर लेफ्ट फ्रंट में चर्चा करेंगे। उसके बाद फ्रंट से बाहर की लेफ्ट पार्टियों से बात होगी, फिर ISF से।' बता दें कि CPM के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने 2021 के विधानसभा चुनाव में इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी कि ISF के साथ गठबंधन किया था, लेकिन कोई सीट नहीं जीत सके। ISF के नेता नौशाद सिद्दीकी बीजेपी के अलावा इकलौते विपक्षी विधायक बने थे।

'मुलाकात कबीर के इरादों को समझने के लिए थी'

सलीम ने कहा कि कबीर से मुलाकात उनके इरादों को समझने के लिए थी। उन्होंने बताया कि कई पार्टियां अभी चुनाव में सीट बंटवारे पर फैसला नहीं ले पाई हैं। सलीम ने गठबंधन पर चर्चा होने से इनकार किया और कहा, 'मैं उनसे जानना चाहता था कि वे क्या करना चाहते हैं और उनका मकसद क्या है।' वहीं,  ने इस मुलाकात को शिष्टाचार बैठक बताया, लेकिन चुनाव के लिए गठबंधन पर चर्चा होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'मैंने सलीम साहब से अपील की है कि गठबंधन बनाने की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी कर ली जाए।'

गठबंधन से ममता की पार्टी को हो सकता है नुकसान

बता दें कि हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी AIMIM से भी गठबंधन पर बात कर सकती है। कबीर ने कहा, 'हमारा लक्ष्य भ्रष्ट सरकार को हराना है और राज्य के लोगों को पारदर्शी सरकार देना है।' सियासी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर CPM और जनता उन्नयन पार्टी के बीच गठबंधन होता है, तो इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर मुस्लिम बहुल इलाकों में। कबीर की पार्टी मुख्य रूप से मुस्लिम वोटों पर फोकस कर रही है, जो TMC का मजबूत आधार है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह गठबंधन मुस्लिम वोटों को बांट सकता है, जिससे TMC को नुकसान हो सकता है और BJP को अप्रत्यक्ष फायदा हो सकता है।

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