तृणमूल कांग्रेस के सांसद युसूफ पठान ने अपना नाम सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से वापस ले लिया है, पार्टी सूत्रों से इसकी जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा कि यूसुफ पठान ने सरकार से कहा कि वह इस दौरे के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का संदेश देने के लिए विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में पठान का नाम भी शामिल किया था। पर अब पठान के नाम वापस लेने को लेकर प्रदेश में राजनीति भी शुरू हो गई है।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता पर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे लेकर ममता बनर्जी पर आरोप लगाया और कहा, "ममता बनर्जी ने अपनी वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए युसूफ पठान का नाम (सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से)वापस करवाया, जिससे (TMC को) पाकिस्तान के खिलाफ कुछ बोलना न पड़े और उनका वोट बैंक भी बरकरार रहे। आगे कहा कि देश की सभी पार्टियों के प्रतिनिधि (साझेदार देशों के दौरे पर)जा रहे हैं लेकिन TMC ने साबित कर दिया है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बोलने वाले हैं। ममता बनर्जी ने इससे स्पष्ट संदेश दे दिया है।"
ममता बनर्जी ने दी सफाई
इधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिनिधिमंडल के दावे पर कहा, "हमारे पास कोई अनुरोध नहीं आया। अगर हमारे पास अनुरोध आता है तो हम निश्चित रूप से विचार कर सकते हैं। हम इस मुद्दे पर देश के साथ हैं। विदेश मामलों के मुद्दे पर हमने हमेशा केंद्र सरकार की नीति का समर्थन किया है। वर्तमान में हम केंद्र सरकार के विचारों और कार्यों का समर्थन कर रहे हैं। वे सदस्यों का नाम स्वयं तय नहीं कर सकते। अगर उन्होंने मुझसे किसी को भेजने का अनुरोध किया, तो हम नाम तय करेंगे और उन्हें बताएंगे। ऐसा नहीं है कि हम बहिष्कार कर रहे हैं या हम नहीं जा रहे हैं।"
अग्निमित्रा पॉल ने भी ममता को घेरा
इधर भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी मुख्यमंत्री ममता के बयान को लेकर कहा, "ममता बनर्जी की असलियत सामने आ गई है। आज सारी पार्टियां, जो भाजपा की विरोधी हैं, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में अपना प्रतिनिधि भेज रही हैं लेकिन ममता बनर्जी अपनी राजनीति से ऊपर नहीं उठ पा रही हैं। उनका सवाल है कि उन्हें इस बारे में क्यों नहीं बताया गया या उनसे अनुमति क्यों नहीं ली गई?
आगे उन्होंने कहा कि यह देश का विषय है। यह तो बहुत गर्व की बात है कि हम भारत के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के जरिए देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ममता बनर्जी इस तरह के बयान से क्या पाकिस्तान को कोई संदेश देना चाहती हैं? पश्चिम बंगाल के नागरिकों के लिए यह शर्मनाक है। तृणमूल पार्टी की ओर से (सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में)कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है।"
केंद्र सरकार ने की थी घोषणा
जानकारी दे दें कि केंद्र सरकार ने रविवार को 7 प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की घोषणा की, जिसमें विभिन्न दलों के राजनीतिक नेता,सांसद और पूर्व मंत्री शामिल होंगे। ये सभी प्रतिनिधिमंडल दुनिया की राजधानियों की यात्रा करेंगे और पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में आतंक से निपटने के भारत के संकल्प रखेंगे। वहीं, केंद्र ने यूसुफ पठान के नाम की घोषणा जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा के अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में किया था, जो इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर जा रहा है।
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