Krishnanagar Uttar Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कृष्णानगर उत्तर सीट पर सभी की निगाहें होंगी। 2011 में बनी इस सीट पर शुरुआती दो चुनाव टीएमसी ने जीते थे, लेकिन इसके बाद यह सीट बीजेपी के खाते में चली गई। बीजेपी ने टीएमसी से आए नेता को टिकट दिया। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के विधायक टीएमसी में शामिल हो गए। हालांकि, बाद में उन्होंने टीएमसी में शामिल होने से मना कर दिया। ऐसे में वह बीजेपी से अलग होकर भी विधायक बने रहे।
इस चुनाव में बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती मौजूदा विधायक मुकुल रॉय से निपटने की होगी। मुकुल को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। बीजेपी ने 2021 में उन्हें टिकट दिया था और जीत के बाद वह टीएमसी में चले गए थे। जब पार्टी ने उनकी विधायकी रद्द करने की अपील की तो उनके वकील ने कहा कि मुकुल ने टीएमसी की सदस्यता नहीं ली है। ऐसे में उनकी विधायकी बची रही।
पुराने चुनाव के नतीजे
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बसे कृष्णानगर में 1951 से चुनाव हो रहे हैं। पहले पूरे नगर की एक सीट थी। इसे बाद में पूर्व और पश्चिम में बांट दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद इसे फिर एक कर दिया गया। 2011 में इसे उत्तर और दक्षिण में बांट दिया गया। इसके बाद से उत्तर की सीट लगातार दो बार टीएमसी के खाते में गई। 2019 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी को बढ़त मिली और 2021 में बीजेपी के टिकट पर मुकुल रॉय जीते। 2024 लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी उम्मीदवार को यहां से 50 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त मिली थी। ऐसे में बीजेपी के लिए इस सीट पर जीत हासिल करने की संभावना ज्यादा है।
क्या हैं समीकरण?
मुकुल रॉय के टीएमसी में वापस लौटने के बाद ममता बनर्जी को जीत का भरोसा नहीं था। खुद मुकुल को भी दोबारा जीत का भरोसा नहीं था। इसी वजह से उन्होंने बीजेपी विधायक के रूप में इस्तीफा देकर टीएमसी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ा। पिछले तीन चुनाव से बीजेपी हर बार टीएमसी पर हावी रही है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि इस बार भी बीजेपी यहां से जीत हासिल कर सकती है। हालांकि, इसके लिए बीजेपी को नया उम्मीदवार ढूंढ़ना होगा।
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