पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा बेशक नहीं हुई है लेकिन राजनीतिक गतिविधियां जोर-शोर से जारी है। राजनीतिक दल विधानसभा क्षेत्रों में जाकर प्रचार कर रहे हैं। कल्याणी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरम है। कल्याणी निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में स्थित है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
2011 में बनाई गई थी कल्याणी विधानसभा सीट
कल्याणी विधानसभा सीट 2011 के विधानसभा चुनावों के लिए डिलिमिटेशन कमीशन के 2010 के आदेश के बाद बनाई गई थी। इसमें कल्याणी और गायेसपुर की सभी नगर पालिकाएं, साथ ही कल्याणी कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कल्याणी में अब तक हुए तीन विधानसभा हुए हैं।
कल्याणी एजुकेशन का बना हब
कल्याणी, हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर, कोलकाता से लगभग 48 km उत्तर में और कल्याणी एक्सप्रेसवे या रेल से हावड़ा से 47-50 km दूर है। यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 52 km दूर है। कल्याणी अपने एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन के लिए जाना जाता है, जिसमें कई इंस्टिट्यूट, पॉलिटेक्निक और टेक्निकल कॉलेज शामिल हैं। यह शहर पश्चिम बंगाल के लिए एक एजुकेशन और रिसर्च हब बन गया है।
कल्याणी सीट का चुनावी इतिहास
साल 2021 में हुए विधानसभा चुनावों में यह सीट बीजेपी ने जीती थी। 2021 से पहले टीएमसी लगातार दो बार यहां से जीत दर्ज कर चुकी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के रामेंद्र नाथ बिस्वास ने 2011 और 2016 में यह सीट जीती थी, उन्होंने CPI(M) की प्रतिद्वंद्वी ज्योत्सना सिकदर को 15,690 वोटों से और आलोकेश दास को 26,095 वोटों के बहुत बड़े अंतर से हराया था। 2021 में नए उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला टीएमसी को उल्टा पड़ गया। बीजेपी ने यह सीट 2,206 वोटों से जीत गई। यहां पर बीजेपी को पिछले तीन चुनावों में थोड़ी बढ़त मिली है, जिसमें दो लोकसभा चुनाव और 2021 में उसकी जीत शामिल है।
इसलिए कल्याणी सीट पर इस बार बेहद कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इस सीट पर बीजेपी, टीएमसी और सीपीआई एम काफी मजबूत हैं। इसलिए त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों दल यह सीट जीतने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।