मध्यमग्राम: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी तारीखों की घोषणा नहीं हुई है लेकिन किसी भी वक्त तारीखों का ऐलान हो सकता है। ऐसे में हम आपको यहां पश्चिम बंगाल की मध्यमग्राम सीट के बारे में बताने जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की मध्यमग्राम सीट नॉर्थ 24 परगना जिले में है। ये सीट डिलिमिटेशन कमीशन की 2008 की सिफारिशों के बाद 2011 में बनी। यहां तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों में यहां से तृणमूल कांग्रेस को ही जीत मिली है।
तृणमूल कांग्रेस के रथिन घोष ने 2011 में यहां से ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के रंजीत चौधरी को हराया था। साल 2016 में उन्होंने कांग्रेस के तपस मजूमदार को हराया। 2021 में उन्होंने बीजेपी के राजश्री राजवंशी को हराया। इस तरह इस सीट पर टीएमसी की स्थिति अब तक मजबूत रही है।
मध्यमग्राम मुगल काल से भी संबंध रखता है। यह मुगल काल में जेसोर के शासक राजा प्रतापादित्य रॉय के सामंती इलाके का हिस्सा था। इसके अलावा बंगाल के जो 12 जमींदारी प्रांत थे, उनमें से एक मध्यमग्राम भी था। बंगाल के नवाब मीर जाफर ने इस एरिया समेत पूरे 24 परगना को ईस्ट इंडिया कंपनी को भी दिया था। इसलिए इस सीट पर किसे जीत मिलेगी, यह देखने लायक बात होगी।
साल 2021 में इस सीट से AITC के रथिन घोष जीते थे। उन्हें 1,12,741 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 48.9 % था। जीत का अंतर 20.9 % था। इस चुनाव में दूसरे नंबर पर बीजेपी के राजश्री राजवंशी रहे थे। उन्हें 64,615 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर RSSCMJP के विश्वजीत मैथी रहे थे। उन्हें 46,748 वोट मिले थे।
साल 2016 में इस सीट पर AITC के रथिन घोष जीते थे। उन्हें 1,10,271 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 53.1 % रहा था। जीत के अंतर का प्रतिशत 17.2 % रहा था। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के तपस मजूमदार रहे थे। उन्हें 74,467 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बीजेपी के देबाशीष मित्रा रहे थे। उन्हें 17,148 वोट मिले थे।
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