पश्चिम बंगाल के हल्दिया से भाजपा की विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की करीबी सहयोगी तापसी मंडल सोमवार को राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं। मंडल के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के फैसले से न केवल पूर्वी मेदिनीपुर में भाजपा को झटका लगा है बल्कि पार्टी के विधायक दल को भी इससे नुकसान होगा क्योंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।
बार-बार पार्टी बदलने के फैसले पर क्या बोलीं विधायक?
पूर्व मेदिनीपुर अधिकारी का गढ़ माना जाता है और यहां बंदरगाह शहर हल्दिया स्थित है। वह राज्य के ऊर्जा मंत्री अरूप बिस्वास की उपस्थिति में कोलकाता स्थित तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुईं। मंडल ने बार-बार पार्टी बदलने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री की विकासात्मक पहल का हिस्सा बनने का फैसला किया है।’’

माकपा से शुरू हुआ था राजनीतिक करियर
मंडल ने कांग्रेस समर्थित मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार के रूप में 2016 में हल्दिया सीट से चुनाव जीता था। 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल कर निर्णायक जीत हासिल की, जिसमें उन्होंने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी को हराया था। दिसंबर 2020 में तापसी मंडल एक बड़ा राजनीतिक बदलाव करते हुए भाजपा में शामिल हो गईं, जिसके कारण उन्हें CPI(M) से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में हल्दिया से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और लगभग 104,126 वोट हासिल कर जीत हासिल की।
विधायी कार्यवाही में रही सक्रिय भागीदारी
अपने कार्यकाल के दौरान, तापसी मंडल को विधायी कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी के लिए पहचाना गया। मई 2021 से फरवरी 2024 के बीच, उनकी उपस्थिति दर 86.8% रही, जो राज्य की औसत 77.1% से अधिक थी, और उन्होंने विधानसभा में आठ सवाल उठाए, जो राज्य की औसत से दोगुना था।
(रिपोर्ट- ओंकार सरकार)
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