1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. बंगाल में नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने OMR शीट जारी करने की मांग को लेकर मार्च शुरू किया

बंगाल में नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने OMR शीट जारी करने की मांग को लेकर मार्च शुरू किया

 Published : Apr 11, 2025 02:57 pm IST,  Updated : Apr 11, 2025 02:59 pm IST

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया था।

स्कूल की नौकरी गंवाने...- India TV Hindi
स्कूल की नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने मार्च किया। Image Source : SOCIAL MEDIA

कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नौकरियां गंवाने वाले हजारों शिक्षकों ने शुक्रवार को साल्ट लेक के करुणामयी इलाके से पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) भवन तक मार्च शुरू किया और वास्तविक उम्मीदवारों की पहचान के लिए ‘ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन’ (OMR) शीट जारी करने की मांग की। विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के सदस्य भी एकजुटता दिखाने के लिए प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च में शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिनपर नौकरियां बहाल करने की मांग की गई थी।

‘रैपिड एक्शन फोर्स’ के कर्मियों समेत बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “पात्र शिक्षकों की पहचान करने में मदद के लिए एसएससी को ओएमआर शीट की प्रतियां जारी करनी चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि कस्बा में डीआई कार्यालय में पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों को लात मारने के आरोपी पुलिस अधिकारी को अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम ऐसी जांच से क्या उम्मीद कर सकते हैं? किसी भी सभ्य समाज में आरोपी पीड़ितों के मामले की जांच नहीं करता।”

रैली को एसएससी भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ के कर्मियों समेत एक बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात की गई। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार दिया था। 

क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला?

2016 एसएससी के लिए शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप उठाए गए थे। इस संबंध में सुनवाई के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति देबांग्शु बसाक और न्यायमूर्ति मोहम्मद शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने 21 अप्रैल 2024 को अपने फैसले में 2016 की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इसके परिणामस्वरूप 25,752 नौकरियां रद्द हो गईं। राज्य सरकार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और एसएससी ने उस फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि कई लोगों ने श्वेत पत्र जमा करके नौकरी हासिल की है। इसके अलावा, एसएससी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार, 5,000 से अधिक लोगों को बैंक जंप और एक्सपायर पैनल से नौकरी मिली। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 10 फरवरी को पूरी हुई थी। (भाषा इनपुट्स के साथ)

यह भी पढ़ें-

कोलकाता में प्रदर्शनकारी शिक्षकों को ‘पुलिस ने मारी लात’, BJP सांसद पहुंचे; जानें क्या है पूरा मामला

बंगाल में नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प, जानें क्या है पूरा मामला?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।