जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (जीएफजेड) ने बताया कि शनिवार को इंडोनेशिया के पश्चिमी पापुआ क्षेत्र में 5.93 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर था। शनिवार को आए भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग डर के मारे घरों से निकलकर बाहर भागने लगे। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है। बता दें कि इससे पहले गुरुवार, 24 जुलाई को इंडोनेशिया के सुलावेसी क्षेत्र के मिनाहासा प्रायद्वीप में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप 147 किलोमीटर की गहराई पर आया।
इंडोनेशिया में आते रहते हैं भूकंप
इससे पहले बुधवार को इंडोनेशिया के सेराम में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप 15 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका केंद्र अंबोन से लगभग 244 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और अमाहाई से 155 किलोमीटर दूर था। इससे पहले जुलाई में, इंडोनेशिया के तनिम्बर द्वीप समूह के तट पर 98 किलोमीटर की गहराई पर 6.7 तीव्रता का भूकंप आया था। मई में, इंडोनेशिया में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, यह भूकंप दक्षिणी सुमात्रा में 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर आया था।
इंडोनेशिया में क्यों आते हैं भूकंप
इंडोनेशिया, प्रशांत महासागर के अग्नि वलय (पैसिफिक रिंग ऑफ फायर) पर स्थित होने के कारण उच्च भूकंपीय जोखिम का सामना करता है। यह एक भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। यह इस देश को दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण देशों में से एक बनाता है, जहाँ हर साल औसतन 9,200 से अधिक भूकंप आते हैं। इसकी स्थिति इसे समुद्र के नीचे शक्तिशाली मेगाथ्रस्ट भूकंपों के खतरे के प्रति भी उजागर करती है, जो विनाशकारी सुनामी ला सकते हैं और क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डाल सकते हैं।