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पोप लियो के बाद ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी पर बोला हमला, ईरान युद्ध में सपोर्ट नहीं करने का आरोप

 Published : Apr 16, 2026 11:41 am IST,  Updated : Apr 16, 2026 11:41 am IST

Iran US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। ट्रंप ने पोप लियो के बाद अब मेलोनी पर ईरान युद्ध में साथ नहीं देने के चलते कड़ा हमला बोला है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (बाएं) और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।- India TV Hindi
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (बाएं) और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। Image Source : AP

मिलान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पो लियो के बाद अब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर तगड़ा हमला बोला है। पोप लियो XIV की आलोचना करने के बाद ट्रंप ने अब अपनी नाराजगी सबसे करीबी यूरोपीय सहयोगी मेलोनी पर उतार दी है। मेलोनी ने ट्रंप के पोप वाले बयान को “अस्वीकार्य” बताया था और ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप ने ईरान युद्ध में इटली द्वारा अमेरिका का साथ नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। इससे पहलो उन्होंने पोप लियो को खराब पोप बताया था और कहा था कि वह बहुत फेमस नहीं हैं। 

ट्रंप ने कहा-मुझे लगा था कि उनमें साहस है

ट्रंप ने इटली के प्रमुख अखबार कोरियरे डेला सेरा को दिए इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगा था कि उनमें साहस है। मैं गलत था।” मेलोनी ने ट्रंप के हमलों का अभी तक सीधा जवाब नहीं दिया है,लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। पिछले महीने मेलोनी को जनमत संग्रह में भारी हार मिली थी और वे ईरान युद्ध के कारण बढ़ती ऊर्जा कीमतों जैसी लोकप्रियता-विरोधी समस्याओं से उबरने की कोशिश कर रही हैं। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नाथाली टोची ने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए वरदान साबित हो रहा है। ट्रंप पूरे यूरोप और दुनिया के कई हिस्सों में, यहां तक कि इटली में भी पूरी तरह जहरीले हो चुके हैं।”

जो हमारा साथ नहीं देगा, उसके साथ संबंध पहले जैसा नहीं रहेगाः ट्रंप

ट्रंप ने बुधवार को दोहराते हुए कहा कि उनके और मेलोनी के बीच संबंध खराब हो गए हैं। उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, “वे (मेलोनी) नकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं। ईरान मामले में जो भी हमारा साथ देने से मना करेगा, उसके साथ हमारा रिश्ता पहले जैसा नहीं रहेगा।” यूरोपीय संघ नेता के रूप में आमंत्रित मेलोनी से उम्मीद की जा रही थी कि वे ट्रंप के साथ अपने मजबूत संबंधों का फायदा उठाएंगी। दोनों में राष्ट्रवाद और प्रवासन पर सख्त रुख को लेकर प्राकृतिक गठबंधन माना जाता था, लेकिन इटली भी ट्रंप के टैरिफ से नहीं बचा और कुछ लोग कहते हैं कि मेलोनी को इस रिश्ते से खास फायदा नहीं हुआ। जब उनसे पूछा गया कि इस महीने दोनों की बात हुई या नहीं, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “नहीं, बहुत समय से नहीं हुई।” एक साल पहले ओवल ऑफिस में हुई असहज मुलाकात के बाद ईरान युद्ध को लेकर दूरी और बढ़ गई। 

ईरान युद्ध में भाग नहीं लेगा इटलीः मेलोनी

मेलोनी ने स्पष्ट कहा कि इटली इस युद्ध में भाग नहीं लेगा। पिछले महीने इटली ने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को सिसिली के एक महत्वपूर्ण एयर बेस पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस हफ्ते मेलोनी ने ट्रंप के पोप वाले हमले को “अस्वीकार्य” बताते हुए राष्ट्रपति की सबसे सीधी आलोचना की। टोची ने कहा, “यह समय के साथ बनता रहा है। यह इसलिए नहीं कि मेलोनी ट्रंप से दूर जा रही हैं, बल्कि इसलिए कि ट्रंप खुद तेजी से अनियंत्रित होते जा रहे हैं।” मेलोनी की पार्टी “ब्रदर्स ऑफ इटली” के कैबिनेट मंत्री अदोल्फो उर्सो ने कहा कि अमेरिका-इटली संबंधों पर इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “इटली और अमेरिका सहयोगी देश हैं। हम अपने संबंध और गठबंधन को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, खासकर अटलांटिक गठबंधन (NATO) के अंदर बनाए रखेंगे। 

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