पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वैश्विक ऊर्जा के अहम केंद्रों को इस युद्ध में निशाना बनाया गया। युद्ध के चलते दुनिया के कई देश गंभीर ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इससे पहले कि हालात और बिगड़े एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से इस युद्ध को रोकने की अपील की गई है।
खाड़ी देशों पर हमले रोकने की अपील
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से ईरान युद्ध समाप्त करने और तेहरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि 'अब बहुत हुआ.. बस भी करो। यह उन हदों को पार कर गई है जिनके बारे में नेताओं ने भी सोचा था।'
युद्ध से इंसानी तकलीफें बढ़ रहीं
बुधवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि पिछले महीने हुए जॉइंट स्ट्राइक से ईरान के खिलाफ जंग शुरू हुई थी। अब इस युद्ध के जारी रहने से इंसानी तकलीफें बढ़ रही हैं, आम लोगों की मौतें बढ़ रही हैं, और दुनिया भर में इसका आर्थिक असर बहुत बुरा होता जा रहा है।
पड़ोसियों पर हमले करना बंद करे ईरान
गुटेरेस ने आगे कहा, “ईरान को मेरा मैसेज है कि वे अपने पड़ोसियों पर हमला करना बंद करें।” उन्होंने झगड़े और हाल ही में चल रहे शांति प्रयासों पर दुनिया की संस्था की कोशिशों की अगुवाई करने के लिए एक पर्सनल दूत की नियुक्ति की भी घोषणा की।
ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को किया खारिज
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजरायल एवम् खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए। युद्धविराम प्रस्ताव के बावजूद ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गयी। इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स व अधिक संख्या में मरीन सैनिकों की तैनाती की।
ईरान के सरकारी न्यूज ब्रॉकास्टर 'प्रेस टीवी' ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। प्रेस टीवी की यह खबर पाकिस्तान द्वारा ईरान को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद आई है। प्रेस टीवी ने अधिकारी के हवाले से बताया, "ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा चाहेगा और जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।"