1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. अमेरिका और भारत के पहले ‘2+2 डायलॉग’ पर चीन की नपी-तुली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

अमेरिका और भारत के पहले ‘2+2 डायलॉग’ पर चीन की नपी-तुली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 07, 2018 04:31 pm IST,  Updated : Sep 07, 2018 04:31 pm IST

बीजिंग ने उस ऐतिहासिक रक्षा करार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जिसके तहत भारतीय सेना को महत्वपूर्ण और एन्क्रिप्टिड अमेरिकी डिफेंस टेक्नॉलजी मिलेंगी।

James Mattis, Mike Pompeo, Sushma Swaraj and Nirmala Sitharaman | PTI- India TV Hindi
James Mattis, Mike Pompeo, Sushma Swaraj and Nirmala Sitharaman | PTI

बीजिंग: चीन ने शुक्रवार को भारत और अमेरिका की पहली टू प्लस टू वार्ता का स्वागत किया है। चीन ने कहा है कि दोनों देशें के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंधों को देखकर खुश हैं। हालांकि बीजिंग ने उस ऐतिहासिक रक्षा करार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जिसके तहत भारतीय सेना को महत्वपूर्ण और एन्क्रिप्टिड (कूट रूप से सुरक्षित) अमेरिकी डिफेंस टेक्नॉलजी मिलेंगी। साथ ही भारत ने अमेरिका के साथ अहम रक्षा समझौता किया जिससे इसे दक्षिण एशिया में सामरिक तौर पर और मजबूती मिलेगी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ तथा रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ पहली टू प्लस टू वार्ता के बाद दोनों देशों ने ‘संचार, संगतता, सुरक्षा समझौते’ (COMCASA) पर हस्ताक्षर किए। कॉमकासा के लागू होने से भारत को अमेरिका से अत्याधुनिक सैन्य संचार उपकरण मिलेंगे। 

भारत-पाक वार्ता और COMCASA करार पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता के बारे में हमने खबर देखी है। हम दोनों पक्षों के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंधों को देखकर खुश हैं और हमें यह भी उम्मीद है कि इस प्रक्रिया में वे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए और अधिक काम करेंगे।’

हालांकि उन्होंने कॉमकासा के सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री स्वतंत्रता के लिए भारत-अमेरिका के आह्वान के संदर्भ में हुआ ने कहा, ‘समुद्र में सुरक्षा नौवहन के बारे में हम अंतरराष्ट्रीय कानून में उल्लेखित कानूनी अधिकारों को कायम रखेंगे और हम यह उम्मीद भी करते हैं कि नौवहन स्वतंत्रता के लिए पक्ष वास्तविक काम करें।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश