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देश छोड़ने के बाद अब प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Oct 15, 2017 08:59 am IST,  Updated : Oct 15, 2017 08:59 am IST

बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के देश से जाने के बाद आज उन पर भ्रष्टाचार और धन शोधन का आरोप लगा।

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After leaving the country Chief Justice Surendra Kumar Sinha is now accused of corruption

ढाका: बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के देश से जाने के बाद आज उन पर भ्रष्टाचार और धन शोधन का आरोप लगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब खबरें हैं कि सरकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के महाभियोग से सरकार का अधिकार खत्म करने के उनके फैसले को लेकर उनसे नाखुश है। एक असामान्य कदम के तहत, देश के उच्चतम न्यायालय ने कहा कि शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों ने इस महीने की शुरुआत में भ्रष्टाचार और अनैतिकता के आरोपों को लेकर सिन्हा की पीठ में नहीं बैठने का फैसला किया। इन आरोपों के बारे में उन्हें राष्ट्रपति ने अब्दुल हामिद ने बताया। उच्चतम न्यायालय ने बयान ऐसे समय दिया जब सिन्हा रात में आस्ट्रेलिया रवाना हो गये। उन्होंने रवाना होने से पहले कहा कि वह जुलाई के अपने फैसले पर पैदा हुए विवाद को लेकर आहत हैं। उन्होंने सरकार के इन दावों को भी खारिज किया कि वह बीमार हैं। (अब्बासी ने कहा, सैन्य तानाशाही ने हमेशा देश के विकास को रोका है)

रजिस्ट्रार जनरल सैयद अमीनुल इस्लाम द्वारा हस्ताक्षरित उच्चतम न्यायालय के बयान में कहा गया, (सिन्हा का) यह लिखित बयान गुमराह करने वाला है। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति हामिद ने 30 सितंबर को प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर शीर्ष अदालत के सभी पांच न्यायाधीशों को बंगभंग राष्ट्रपति भवन आमंत्रित करके लंबी चर्चा की। इसमें कहा गया, राष्ट्रपति ने उन्हें प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के खिलाफ 11 स्पष्ट आरोपों के सबूत सौंपे। बयान में कहा गया कि इसमें धन शोधन, वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और अनैतिक क्रियाकलाप सहित कुछ गंभीर आरोप शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, मैं न्यायपालिका का संरक्षक हूं, न्यायपालिका के हित में, मैं अस्थायी रूप से जा रहा हूं ताकि उसकी छवि को नुकसान नहीं पहुंचे। मैं वापस आंगा। लेकिन सिन्हा ने कहा कि वह दृढ़ता से इस बात को मानते हैं कि हालिया फैसले को लेकर उनके रुख को सरकार ने गलत समझा जिससे प्रधानमंत्री शेख हसीना नाखुश हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह तथ्यों को जल्द महसूस करेंगी। सिन्हा ने विधि मंत्री अनीसुल हक के उनकी बीमारी के दावे को भी खारिज किया। उन्होंने लिखित बयान भी जारी किया। सरकार द्वारा तीन अक्तूबर से उनकी एक महीने की बीमारी की छुट्टियां घोषित किए जाने के बाद मीडिया के साथ यह उनका पहला संवाद है।

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