जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक ने झारखंड हाई कोर्ट के 18वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। वे बॉम्बे हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं और गोवा में पहला ‘लिविंग विल’ दर्ज कराने के लिए चर्चित रहे हैं। उनका कार्यकाल 2026 तक रहेगा।
रिटायर्ड जजों ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की रोहिंग्याओं पर की गई टिप्पणी पर सवाल उठानेवालों को आड़े हाथों लिया है और एक लेटर जारी करते हुए सीजेआई का समर्थन किया है।
पूर्व CJI बीआर गवई ने सोमवार को अपने उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए आधिकारिक मर्सिडीज-बेंज कार छोड़ दी। आइए जानते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
CJI Kailas Nath Wanchoo: भारत के इतिहास में एक शख्स ऐसे भी थे जो बिना वकालत की डिग्री के ही मुख्य न्यायाधीश बन गए थे। ऐसा कैसे संभव हुआ था, इस आर्टिकल में डिटेल में पढ़िए।
जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें CJI बन गए हैं। सोमवार 24 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई है।
जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को भारत के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेंगे। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसकी पुष्टि की। बीआर गवई की जगह अब जस्टिस सूर्यकांत जीफ जस्टिस का पद संभालेंगे।
जस्टिस सूर्यकांत ऐसे परिवार से नहीं थे जहां कानून का बोलबाला हो। उन्होंने अपना बचपन सुविधाओं से दूर, एक साधारण ग्रामीण जीवन जीते हुए बिताया। जस्टिस सूर्यकांत बेंच में दो दशक के अनुभव के साथ अब देश के शीर्ष न्यायिक पद को ग्रहण करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान CJI बीआर गवई जल्द ही अपने पद से रिटायर होने जा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं इस बारे में।
बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का जिक्र किया, जिन्होंने देश में कानून का राज कायम किया। उन्होंने अपने ऐसे ही फैसले को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत कानून से चलता है, बुलडोजर से नहीं।
उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। उन्होंने पिछले साल पीएम मोदी को भी शपथ दिलाई थी। ऐसे में जानते हैं कि किस पद पर मौजूद लोगों को कौन शपथ दिलाता है।
सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने शनिवार को एक बयान देते हुए कहा कि सफलता मेहनत और प्रतिबद्धता से तय होती है, परीक्षा के अंकों से नहीं।
उन्होंने कहा कि परिवार के लिए उपयुक्त घर ढूंढने में समय लग रहा है, हालांकि उन्होंने माना कि यह एक व्यक्तिगत समस्या है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रथाओं से ऐसी धारणा बन सकती है कि न्यायिक फैसले भविष्य की राजनीतिक या सरकारी लाभ की अपेक्षाओं से प्रभावित थे।
सीजेआई के प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने बुधवार को कहा कि वकील छुट्टियों के दिन काम नहीं करना चाहते हैं लेकिन मुकदमों के बैकलॉग का दोष न्यायपालिका पर लगाया जाता है।
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में आज पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने अपनी मां के पैर छुए।
जस्टिस बीआर गवई मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती जिले के रहने वाले हैं। गवई के करियर के उल्लेखनीय फैसलों में जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 को हटाना और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करना शामिल हैं।
न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस बनने जा रहे हैं। बता दें कि 14 मई को वह मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे। उनका कार्यकाल नवंबर 2024 तक रहेगा।
‘जब सभी सरकारी एजेंसियां, जिन्हें जीवन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए शक्ति का प्रयोग करने के वास्ते कानून द्वारा अधिकृत किया गया है, उत्पीड़न और धोखाधड़ी में सहायता कर रहे हैं, तो पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट का कर्तव्य है कि वह हस्तक्षेप करे।’’
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अल्पसंख्यक विंग Places of worship Act को लेकर अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत 1 लाख लोग चीफ जस्टिस को खत लिखकर कई सवाल पूछेंगे।
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