बीजिंग: हाल के वर्षों में भारी प्रदूषण झेल रही चीन की राजधानी बीजिंग को इससे छुटकारा दिलाने के लिए सरकार ने एक बड़े फंड की घोषणा की है। चीन ने अपनी राजधानी में वायु प्रदूषण घटाने के लिए 19 अरब युआन (3 अरब डॉलर या लगभग 19 हजार करोड़ रुपये) खर्च करने की योजना बनाई है। 15वीं बीजिंग म्युनिसिपल पीपुल्स कांग्रेस के वर्तमान वार्षिक सत्र के दौरान जारी डेटा के अनुसार यह सालाना बजट में 59 करोड़ युआन की वृद्धि है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2018 की बीजिंग बजट रिपोर्ट के मसविदा के अनुसार बजट राशि कोयला, वाहनों और धूल जैसे प्रदूषणकारी स्रोतों को नियंत्रित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कोयला के स्थान पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग संबंधी परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा। धुंध से जूझ रहे बीजिंग ने अपनी वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए हाल के वर्षों में उपाय तेज कर दिए हैं। शहर में इस साल अब तक करीब करीब रोजाना सूर्य उगता रहा है लेकिन जब तेज हवा नहीं बहती है तो धुंध छा जाता है।
खबरों के मुताबिक, 2017 में बीजिंग में 901 गांवों की निर्भरता कोयला से हटाकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर कर दी गई। इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से 5 लाख पुराने वाहन हटाए गए। बीजिंग के 6 जिलों तथा उसके दक्षिणी मैदानी क्षेत्रों में कोयले की खपत अब नहीं के बराबर होती है। हालांकि बीजिंग को छोड़ दिया जाए तो चीन के कई अन्य शहर भी प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। गौरतलब है कि भारत की राजधानी दिल्ली भी हालिया वर्षों में प्रदूषण के चलते परेशान रही है जिसके निवारण के लिए सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं।