ग्रेप-4 पाबंदियां हटने के कुछ दिनों बाद अब दिल्ली में ग्रेप-3 के तहत प्रदूषण विरोधी पाबंदियां हटा दी गईं। प्रदूषण के स्तर में सुधार होने पर यह फैसला लिया गया।
दिल्ली की हवा जहरीली होने के बाद ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। शुक्रवार को ही ग्रैप-3 के उपाय लागू किए गए थे। दिल्ली की हवा साफ होने के बाद पिछले महीने ग्रैप-4 के प्रतिबंध हटाए गए थे।
दिल्ली में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अपने सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक कर के ब्लू प्रिंट तैयार किया है।
Which Body Part Pollution Affecting Most: वायु प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं सिर से लेकर पांव तक हर अंग को प्रभावित कर रहा है। प्रदूषण में सांस लेने से दिल्ली एनसीआर में रहने वालों की औसत उम्र इतने साल कम हो चुकी है।
Pollution Ka Solution: वायु प्रदूषण से फेफड़ों खराब होने लगे हैं। ऐसे में एम्स के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया से जानते हैं इस स्थिति में बाहर निकलते हैं तो आपको कौन सा मास्क पहनना चाहिए और वायु प्रदूषण से अपना बचाव कैसे करें
दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के पूर्व एडिशनल डायरेक्टर और सीनियर साइंटिस्ट मोहन पी जॉर्ज और NITTTR, चंडीगढ़ के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ भोला राम गुर्जर ने इंडिया टीवी के 'पॉल्यूशन का सॉल्यूशन कॉन्क्लेव' में प्रदूषण नियंत्रण के बारे में चर्चा की।
दिल्ली में प्रदूषण की वजह से हर साल लाखों जिंदगियां प्रभावित हो रही हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस गंभीर मुद्दे पर इंडिया टीवी के कॉन्क्लेव में एक्सक्लूसिव बातचीत की।
दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई। इस दौरान एक वकील ने दलील दी कि एक ही परिवार में कई-कई कारें होना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने कहा कि पहले लोग साइकिल से सफर करते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को फटकार लगाई है और दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन पर सोचना शुरू करें।
वायु प्रदूषण से न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बल्कि आंखों में जलन, सूखापन और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आंखों का बचाव कैसे करें?
दिल्ली के मुंडका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 435, आनंद विहार में 455, द्वारका में 430, नरेला में 400, पंजाबी बाग में 421 और आईटीओ पर 410 दर्ज किया गया।
दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, इस समस्या ने एक बड़ी राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। अब दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक 15 पन्नों का पत्र लिखा है।
ऑफिस जाने के समय ट्रैफिक बढ़ जाता है। इससे सड़कों पर जाम लगता है और जमकर वायु प्रदूषण होता है। इसी परेशानी से बचने के लिए सभी प्राइवेट कंपनियों से कर्मचारियों को घर से काम कराने के लिए कहा गया है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और अरावली पहाड़ी को लेकर सपा नेता अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दिल्ली वालों के लिए एक पत्र भी लिखा है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के दस्तक देने के बावजूद भी दिल्ली-NCR में हालात बेहतर नहीं होंगे। हवा की रफ्तार काफी कम है जिसके चलते प्रदूषण आने वाले कुछ दिनों में इसी तरीके से बढ़ता रहेगा।
बढ़ते वायु प्रदूषण और हाई AQI लेवल को लेकर केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में कहा कि एयर पॉल्यूशन से से जुड़ी बीमारियों को देखते हुए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की गई है।
दिल्ली सरकार के मंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना चाहिए।
दिल्ली में 2019–2023 की स्टडी से खुलासा हुआ कि पुरुषों के फेफड़ों में महिलाओं की तुलना में ज्यादा प्रदूषण जमा हो रहा है। पैदल चलते समय खतरा सबसे अधिक है। स्टडी में PM2.5 और PM10 स्तर भारतीय और WHO मानकों से कई गुना ज्यादा पाए गए।
How To Protect Eyes From Air Pollution: बढ़ता AQI केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की सेहत से जुड़ा मुद्दा है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम प्रदूषण के इस दौर में भी अपनी आँखों को सुरक्षित रख सकते हैं।
यूपी सरकार ने लखनऊ में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का डेटा जारी किया है। विपक्ष की तरफ से वायु प्रदूषण को लेकर सवाल उठाने के बाद सरकार ने बताया कि लखनऊ का AQI 174 है।
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