सर्दियों का मौसम जैसे ही दिल्ली में दस्तक देता है, AQI खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है। हाल ही में कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर और कुछ जगहों पर 400–500 के पार दर्ज किया गया है, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। आमतौर पर इस प्रदूषण का असर फेफड़ों और दिल पर पड़ने की बात की जाती है, लेकिन हमारी आंखें इस ज़हरीली हवा का सबसे पहला शिकार बनती हैं।
बढ़ा हुआ एक्यूआई आंखों के लिए है कैसे खतरनाक?
डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल में कंसल्टेंट नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ. राहुल भाटिया, कहते हैं कि AQI बढ़ने से हवा में अधिक मात्रा में धूल, धुआँ, कार्बन कण और रासायनिक गैसें बढ़ जाती हैं। ये बारीक कण सीधे आंखों की सतह पर जमा होकर जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने जैसी समस्याएँ पैदा करते हैं। ऐसा महसूस होता है जैसे आंखों में रेत चली गई हो। लंबे समय तक इस स्थिति को नज़रअंदाज़ करने पर ड्राई आई, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस और यहाँ तक कि कॉर्निया को नुकसान भी हो सकता है।
प्रदूषण का आंखों पर क्या पड़ता है असर?
हमारी आंखों पर एक पतली परत होती है, जो उन्हें नमी और सुरक्षा देती है। लेकिन प्रदूषित हवा इस परत को जल्दी सुखा देती है। नतीजतन आंखें सूखने लगती हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से आंखों की बीमारी से जूझ रहे लोगों में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
कैसे रखें आंखों का ख्याल?
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आंखों को ढककर बाहर निकलें: घर से बाहर जाते समय गॉगल्स या चश्मे पहनें। ये आंखों को धूल और धुएँ के कणों से बचा सकते हैं।
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हाथों से न मलें: अगर आंखों में जलन या खुजली हो रही है तो हलके हाथ से थपथपाएं या पानी से आंखों को धोएं। आंखों में जलन या खुजली होने पर रगड़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. जलन या लालिमा होने पर आंखों के डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का प्रयोग करें। इससे आंखों की नमी बनी रहती है।
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घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं: घर में आने वाले हवा साफ़ हो इसलिए संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और घर की नियमित सफाई करें, ताकि धूल कम रहे।
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स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें: आंखों की बेहतरीन केयर के लिए स्क्रीन डिटॉक्स लें। मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल आंखों को और सूखा बना देता है। हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलें: अगर आंखों में लगातार लालिमा, तेज दर्द, धुंधला दिखना या बहुत ज़्यादा पानी आना जैसी शिकायत हो, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)