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दुनियाभर में मनाई गई तियानानमेन नरसंहार की 30वीं बरसी

 Reported By: IANS
 Published : Jun 04, 2019 08:38 pm IST,  Updated : Jun 04, 2019 08:38 pm IST

चीन में 1989 में बीजिंग के तियानानमेन चौक पर सेना द्वारा निहत्थे नागरिकों के नरसंहार की तीसवीं बरसी मंगलवार को दुनियाभर में मनाई गई।

Thousands of people attend a candlelight vigil for victims...- India TV Hindi
Thousands of people attend a candlelight vigil for victims of Beijing's Tiananmen Square at Victoria Park in Hong Kong  Image Source : AP

हांगकांग: चीन में 1989 में बीजिंग के तियानानमेन चौक पर सेना द्वारा निहत्थे नागरिकों के नरसंहार की तीसवीं बरसी मंगलवार को दुनियाभर में मनाई गई। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग के मध्य स्थित तियानानमेन चौक में और इसके आसपास लोकतंत्र समर्थकों की भीड़ के कई सप्ताह तक जमा रहने के बाद चार जून 1989 को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों ने सैकड़ों निहत्थे लोगों का नरसंहार कर दिया था। यह भीड़ लोकतंत्र के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक सुधार की मांग कर रही थी। इसकी याद में सबसे बड़ा कार्यक्रम हांगकांग में आयोजित हुआ। साल 1990 से विक्टोरिया पार्क में प्रतिवर्ष हजारों लोग मोमबत्ती जलाते हैं।

ताईपे में तियानानमेन चौक पर प्रवेश कर रहे सैन्य टैंकों को ललकारने वाले प्रसिद्ध टैंक मैन की विशाल प्रतिकृति कई सप्ताहों से लगी है। सोमवार को ताइवान के मैनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने बीजिंग से ऐतिहासिक गलतियों का सामना करने और उस कार्रवाई के लिए जल्द से जल्द माफी मांगने की अपील की।

वाशिंगटन में मंगलवार को दर्जनों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ कई कार्यकर्ता रैली निकालेंगे। इस कार्यक्रम में एमनेस्टी इंटरनेशनल के साथ-साथ हाउस स्पीकर नेन्सी पेलोसी के भी आने की संभावना है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने सोमवार को एक बयान में कहा कि उस नरसंहार के कारण अभी भी दुनियाभर के आजादी चाहने वाले लोगों के विवेक को जाग्रत किए हुए है।

उन्होंने चीनी सरकार से इस घटना की पूरी जिम्मेदारी लेने की अपील करने के साथ कहा, "हम बहादुर चीनी नायकों को सलाम करते हैं जिन्होंने 30 साल पहले तियानानमेन चौक पर अपने अधिकारों की मांग की थी।"

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार तियानानमेन नरसंहार की याद में चीन में कहीं भी कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। इस घटना को चीन में इतिहास की किताबों से हटा दिया गया और इस कार्रवाई के बारे में चर्चा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया।

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को कहा कि नरसंहार देश में भविष्य में किसी राजनीतिक उथल-पुथल के खिलाफ वेक्सीनेशन था। चीन ने हमेशा उस कार्रवाई का बचाव किया है।

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