लाहौर: पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमले के षड्यंत्रकर्ता एवं जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद की एक याचिका पर मंगलवार को आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के एक अधिकारी को तलब किया। सईद ने आतंकवाद को धन मुहैया करने के मामलों में अपनी गिरफ्तारी को याचिका के मार्फत चुनौती दी है। आतंकवाद को धन मुहैया करने के मामले में गिरफ्तार सईद लाहौर की कोट लखपत जेल में कैद है।
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रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्ति को हटाते हुए सईद एवं जेयूडी और फलाह ए इंसानियत (एफआईएफ) के 67 अन्य लोगों ने एक नयी याचिका दायर की, जिसके बाद लाहौर उच्च न्यायालय ने सुनवाई की। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सईद और अन्य की याचिका पर आपत्ति जताई थी। दरअसल इन लोगों ने मामले को धार्मिक रंग देने के लिए याचिका के साथ उन मस्जिदों की तस्वीरें संलग्न की थी, जो कब्जा की गई जमीन पर बनाई गई है।
अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद बताया कि उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों की एक पीठ ने मंगलवार को सीटीडी को नोटिस जारी कर सईद और अन्य की याचिका पर दो हफ्तों में जवाब दाखिल करने कहा। अदालत ने दो हफ्ते बाद संबद्ध सीटीडी अधिकारी को भी तलब कर आतंकवाद को धन मुहैया किये जाने में सईद और अन्य की गिरफ्तारियों के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
याचिकाकर्ताओं के वकील ए के डोगर ने अदालत में दलील दी कि सईद का अलकायदा या किसी अन्य आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं है। ‘‘हाफिज का प्रतिबंधित लश्कर ए तैयबा से भी कोई संबंध नहीं है।’’ डोगर ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ भारतीय लॉबी दुष्प्रचार कर रही है, जबकि वह मुंबई हमले में संलिप्त नहीं था।