कोलंबो: श्रीलंका में इस महीने हुए संसदीय चुनाव के बाद यूएनपी और SLFP के बीच राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के लिए समझौता होने के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी मुख्य तमिल पार्टी टीएनए ने संसद में मुख्य विपक्षी दल के दर्जे के लिए अपना दावा पेश किया है। TNA का यह दावा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी यूएनपी और राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी एसएलएफपी के बीच एक राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन के लिए हुई व्यवस्था पर आधारित है। पार्टी ने कहा, ऐसी घोषणा की गई है कि राष्ट्रीय एकता सरकार का गठन किया गया है और यूएनपी तथा यूपीएफए दोनों पार्टियों के तहत चुनाव लड़कर संसद में जीतकर आए सदस्यों ने कैबिनेट विभागों को स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा, इसके मुताबिक, यूएनपी और यूपीएफए दोनों के पास समेकित कैबिनेट जिम्मेदारी होगी। संसद में राजनीतिक दलों के तौर पर वे मंत्रिमंडल में किए गए सभी सरकारी फैसलों का समर्थन करेंगे। इस समर्थन में संसद में सरकार के साथ मतदान करना भी शामिल होगा। 17 अगस्त को हुए चुनाव में TNA ने इलंकाई तमिल अरासू कदाची आईटीएके के प्रतीक के तहत चुनाव लड़ा था जिसमें 16 सीटें जीतकर वह यूएनपी और एसएलएफपी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।