
4. एयर पल्यूशन पार्टिकुलेट मैटर (Particulate matter) जिसका डाइऐमिटर 2.5 माइक्रोन से कम होता है उसमें मापा जाता है। 2.5 माइक्रोन से अगर इक्सपोशर होता है तो श्वास प्रश्वास संबंधी रोग हो जाते है। स्टडी के मुताबिक PM 2.5 प्रदूषण के इक्सपोशर से साल 2010 में दुनिया भर में 32 लाख असामयिक मौतें हो गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि एशिया में खासकर अगर दूषित एयर को साफ कर दिया जाए तो हर साल 21 लाख असामयिक मौतें रोकी जा सकती है।
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