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South China Sea में चीन की हरकतों पर अमेरिकी कमांडर ने दिया बड़ा बयान, कहा- 'धौंस दिखाने...'

 Published : Jul 11, 2025 07:19 pm IST,  Updated : Jul 11, 2025 07:19 pm IST

अमेरिकी कमांडर एडमिरल स्टीफन कोलर ने दक्षिण चीन सागर को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोलर ने कहा कि अमेरिकी प्रशांत बेड़ा हमेशा तैयार तैयार है। फिलीपींस पर दक्षिण चीन सागर सहित किसी भी क्षेत्र में हमला होता है तो अमेरिका रक्षा करने के लिए बाध्य है।

दक्षिण चीन सागर- India TV Hindi
दक्षिण चीन सागर Image Source : AP

मनीला: अमेरिका के प्रशांत महासागर क्षेत्र बेड़े के कमांडर ने कहा कि चीन ‘‘धौंस दिखाने वाली अपनी तरकीबों’’ के बावजूद विवादित दक्षिण चीन सागर में संप्रभु हितों को छोड़ने के लिए अन्य दावेदार देशों को डराने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और अन्य सहयोगी देश बीजिंग की आक्रामकता के खिलाफ प्रतिरोध को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं। दुनिया के सबसे बड़े नौसैन्य बेड़े की कमान संभाल रहे एडमिरल स्टीफन कोलर ने शुक्रवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जहाजों के आवागमन की स्वतंत्रता और कानून के शासन की रक्षा में मदद के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत बेड़े का मिशन सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में आक्रामकता को रोकना और ‘‘जरूरत पड़ने पर युद्ध में जीत हासिल करना’’ है।

'डराने-धमकाने में नाकाम रहा है चीन'

कोलर ने कहा, ‘‘चीन की रणनीति लगातार और अधिक आक्रामक होती जा रही है, जिसमें टक्कर मारना, पानी की बौछारें करना, लेजर का इस्तेमाल करना और कभी-कभी उससे भी बदतर तरीके शामिल हैं। लेकिन, इन धमकाने वाले हथकंडों के बावजूद चीन दक्षिण-पूर्व एशियाई दावेदारों को डराने-धमकाने में नाकाम रहा है।’’ चीनी अधिकारियों ने कोलर की टिप्पणी पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने पूर्व में वाशिंगटन को चेतावनी दी थी कि वह उस मामले में हस्तक्षेप करना बंद करे। चीन का मानना है कि यह पूरी तरह से एशियाई विवाद है और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहा है।

दक्षिण चीन सागर
Image Source : APदक्षिण चीन सागर

'किसी भी देश को दबाया नहीं जा सकता'

अमेरिकी कमांडर ने बताया कि किस तरह इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम ने बीजिंग की बढ़ती आक्रामकता के बावजूद दक्षिण चीन सागर में अपने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में अपने अपतटीय तेल और गैस परिचालन को बनाए रखा है या उसका विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि फिलीपींस ने चीनी सेना के खतरनाक युद्धाभ्यासों को सार्वजनिक करके चीन की आक्रामक कार्रवाइयों को उजागर किया है, जिसमें पानी की जोरदार बौछार और लेजर किरणों का उपयोग करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी प्रशांत बेड़ा आपके साथ मिलकर काम करने के लिए हमेशा तैयार है ताकि प्रतिरोध को मजबूत किया जा सके और यह प्रदर्शित किया जा सके कि किसी भी देश को दबाया नहीं जा सकता।’’

'फिलीपींस की रक्षा के लिए बाध्य है अमेरिका'

फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ अपने विवादों को 2013 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए उठाया था। हालांकि, चीन ने मध्यस्थता में भाग लेने से इनकार कर दिया और इसका उल्लंघन करना जारी रखा। फिलीपींस में अमेरिकी राजदूत मैरीके कार्लसन ने कहा कि मध्यस्थता का निर्णय फिलीपींस के लिए एक जीत है और ‘‘यह हमें ऐसे भविष्य की ओर ले जाने वाला एक प्रकाश स्तंभ है, जहां शक्तिशाली देश अन्य देशों के कानूनी अधिकारों को कुचल नहीं सकेंगे।’’ उन्होंने कहा कि यदि फिलीपींस सेना पर दक्षिण चीन सागर सहित किसी भी क्षेत्र में सशस्त्र हमला होता है तो अमेरिका 1951 की पारस्परिक रक्षा संधि के तहत फिलीपींस की रक्षा करने के लिए बाध्य है। (एपी)

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