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'तालिबान सरकार को मान्यता नहीं...' कतर की मीटिंग के बाद संयुक्त राष्ट्र ने ऐसा क्यों कहा?

 Published : Jul 02, 2024 04:38 pm IST,  Updated : Jul 02, 2024 04:38 pm IST

संयुक्त राष्ट्र और अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों के बीच कतर में मीटिंग हुई। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से साफ कह दिया गया है कि मीटिंग का मतलब तालिबान सरकार को मान्यता देना नहीं है।

taliban afghanistan and un qatar meeting- India TV Hindi
taliban afghanistan and un qatar meeting Image Source : AP

इस्लामाबाद: संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि अफगानिस्तान के साथ संबंधों को बढ़ाने के लिए कतर में संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में तालिबान के साथ की गई बैठक का मतलब उनकी सरकार को मान्यता देना नहीं है। कतर की राजधानी दोहा में रविवार और सोमवार को लगभग 24 देशों के राजदूतों के साथ बैठक की गई थी। यह पहली बार था जब संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रायोजित बैठक में अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। 

आयोजकों ने इस बात पर दी सफाई

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि तालिबान को पहली बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था और उन्होंने फरवरी में हुई दूसरी बैठक में हिस्सा लेने के लिए अस्वीकार्य शर्तें रखी थीं जिसमें अफगानिस्तान के नागरिक समाज के सदस्यों को बैठक में नहीं बुलाना और तालिबान को देश की वैध सरकार मानने की शर्तें शामिल थीं। दोहा में हुई बैठक से पहले, अफगानिस्तान की महिलाओं के प्रतिनिधियों को इससे बाहर रखा गया जिससे तालिबान के लिए अपने राजदूत भेजने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि, आयोजकों ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठाई जाएगी।

अहम मुद्दों पर हुई बात

संयुक्त राष्ट्र की राजनीतिक एवं शांतिरक्षण मामलों की अधिकारी रोजमेरी ए डिकार्लो ने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि इस बैठक का मतलब तालिबान सरकार को मान्यता देना नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आशा करती हूं कि पिछले दो दिनों में विभिन्न मुद्दों पर रचनात्मक आदान-प्रदान से हम उन समस्याओं को हल करने के और करीब पहुंच गए हैं जिनका अफगानिस्तान के लोगों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।’’ 

अफगानिस्तान को है सहयोग की जरूरत 

दोहा में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इस सम्मेलन के बहाने उन्हें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को निजी क्षेत्र में और मादक पदार्थ के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सहयोग की जरूरत है। मुजाहिद ने कहा, ‘‘अधिकांश देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा प्रकट की है।’’ (एपी)

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