इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सियासत में बिलावल भुट्टो जरदारी अनगाइडेड मिसाइल की तरह हैं जो कब क्या बोल जाएं किसी को नहीं पता। ये पाकिस्तान के वो नवाब साहब हैं जो अंग्रेजी में हिंदी ढूंढते हैं और उर्दू में अंग्रेजी बोल जाते हैं। हाल के दिनों में भारत को लेकर भी बिलावल खूब उबले हैं लेकिन अब उनकी सारी हेकड़ी निकल गई है। भारत में खून की नदियां बहाने वाले बिलावल गिड़गिड़ाने वाले मोड में नजर आ रहे हैं। इस पाकिस्तानी नवाब ने अब भारत को लेकर क्या कहा है चलिए आपको बताते हैं।
शांति और अमन की बात कर रहे हैं बिलावल
भारत को जंग की धमकी देने और नदियां छीन लेने की बात कहने वाले बिलावल अब पानी-पानी हो गए हैं। बिलावल को अब शांति और अमन की याद आई है। हालात किस कदर बदले हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिलावल भुट्टो ने भारत से शांति की अपील करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की मांग कर डाली है।
क्या बोले बिलावल?
इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट में 'आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के लिए पाकिस्तान की लड़ाई' विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिलवाल ने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद से मिलकर लड़ने के लिए भारत के साथ ऐतिहासिक, अभूतपूर्व साझेदारी बनाने के लिए तैयार है।" उन्होंने कहा, "दोनों देशों को विरोधी नहीं, बल्कि जिम्मेदार पड़ोसी बनकर एक अरब से ज्यादा लोगों को आतंकवाद की भयावहता से बचाने के लिए आगे आना चाहिए।" इसके अलावा बिलावल ने भारत से सभी लंबित विवादों को हल करने की अपील भी की है।
ऐसे बदल जाते हैं सुर!
बता दें कि, बिलावल पिछले एक महीने में भारत को कई बार जंग की धमकी दे चुके हैं। लेकिन, अब शांति के कबूतर उड़ा रहे हैं। बिलावल ने सम्मेलन यह भी कहा, "आइए हम कश्मीर को वहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार हल करें। पानी को हथियार ना बनाएं और हिमालय जितनी मजबूत शांति की नींव रखें।" उन्होंने यह भी कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता की साझा विरासत की ओर लौटना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि दूरदर्शिता है। सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के संघर्ष पर बोलते हुए बिलावल ने कहा कि यह सिर्फ स्थानीय या क्षेत्रीय संकट नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है।
भारत से प्यार तालिबान पर वार
बिलावल भुट्टो जरदारी ने सम्मेलन में तालिबान पर जमकर निशाना साधा। बिलावल ने कहा, "हमने काबुल को बचाया और अब अफगान तालिबान को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हथियारों की तस्करी रोकनी होगी, आतंकियों की आवाजाही को रोकना होगा।"
बिलावल की पिट गई भद्द
हाल ही में बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ जहर उगलना चाहा था लेकिन उनकी भद्द पिट गई थी। संयुक्त राष्ट्र के मंच से प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बिलावल ने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में मुसलमानों को 'खलनायक' की तरह दिखाया जा रहा है। बिलावल के इस बयान पर एक विदेशी पत्रकार ने उनसे कुछ ऐसा पूछ लिया था कि वो बगले झांकते नजर आए थे। पत्रकार ने कहा था, ''भारत के ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग का नेतृत्व एक मुस्लिम अधिकारी ने किया था।'' इस पर बिलावल भुट्टो कुछ बोल नहीं पाए थे और सिर हिलाने लगे थे।
गंभीर मुद्दों पर भी सीरियस नहीं रहते बिलावल!
अभी ताक आपने वो जाना जो बिलावल ने बयान दिया है। चलिए अब हम आपको वो बताते हैं जो लोग उनके बारे में सोचते हैं। दरअसल, बिलावल भुट्टो जरदारी पाकिस्तान के सियासी मंच पर ऐसे नेता हैं जो गंभीर मुद्दों पर भी कॉमेडी कर जाते हैं, वो भी फुल कॉन्फिडेंस के साथ। उनकी स्पीच के बाद ना जनता गुस्सा होती है, ना विपक्ष चिंता करता है। हां सब हंसते जरूर हैं। ऐसे में दुआ है कि बिलावल साहब यूं ही बोलते रहें, ताकि महंगाई से त्रस्त पाकिस्तान की जनता के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे।
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