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दुनिया के सबसे बड़े टैरिफ वार में US से भिड़ा चीन, अमेरिकी उत्पादों पर ठोका 34 फीसदी जवाबी टैक्स

 Published : Apr 04, 2025 04:32 pm IST,  Updated : Apr 04, 2025 05:05 pm IST

चीन ने अमेरिका पर उसी लहजे में जवाब देते हुए 34 फीसदी का टैक्स लगाया है। इससे अमेरिका में खलबली मच गई है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - India TV Hindi
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। Image Source : AP

बीजिंगः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़े गए दुनिया के सबसे बड़े टैरिफ वार में चीन वाशिंगटन से भिड़ गया है। चीन ने अमेरिका को उसी के लहजे में जवाब देते हुए सभी अमेरिकी उत्पादों पर 34 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। इससे ह्वाइट हाउस में खलबली मच गई है। 

चीन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। बता दें कि इससे कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रम्प ने कई देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने चीन पर सबसे ज्यादा 34 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। अब बीजिंग ने 4 अप्रैल को अमेरिका पर भी 34 फीसदी का टैक्स लगा दिया है। यह अमेरिका के मध्यम और भारी दुर्लभ मृदा तत्वों, जिनमें समारियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यिट्रियम जैसे उत्पादों पर लागू होगा। इसके साथ ही चीन ने निर्यात पर नियंत्रण की भी घोषणा की है।

अमेरिका पर जवाबी टैक्स लगाने के बाद चीन ने क्या कहा

अमेरिका पर शुक्रवार को जवाबी टैरिफ लगाने के बाद चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "चीनी सरकार द्वारा कानून के अनुसार प्रासंगिक वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू करने का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की बेहतर सुरक्षा करना तथा परमाणु अप्रसार जैसे अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करना है। इसने 11 संस्थाओं को "अविश्वसनीय संस्था" सूची में भी जोड़ा गया है, जो बीजिंग को विदेशी संस्थाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की अनुमति देता है।

अमेरिका ने चीन के जवाबी टैक्स से पहले उठाया था ये कदम

अमेरिका ने चीन द्वारा जवाबी टैक्स का ऐलान करने से पहले भारत और चीन समेत अन्य देशों पर 2 अप्रैल से भारी-भरकम टैरिफ लागू किया था। इसमें चीन से आने वाले सामान पर 34% आयात कर लगाने का ऐलान किया था। वहीं यूरोपीय यूनियन से आयात पर 20 फीसदी, दक्षिण कोरियाई के उत्पादों पर 25 फीसदी,ताइवान के उत्पादों पर 32 फीसदी और जापानी उत्पादों पर 24 फीसदी टैक्स लागू करने का ऐलान किया था। इसके अलावा सभी विदेशी ऑटोमोबाइल पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया है। इसके पीछे ट्रंप का तर्क था कि हम सभी देशों के व्यापार और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने को कदम उठाते हैं। उनकी सेना समेत अन्य कामों के लिए खर्चा देते हैं, लेकिन वह हम पर भारी टैरिफ लगाते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। हम किसी के लिए इतना सब कुछ क्यों करेंगे। (इनपुट-एजेंसीज)

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