1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. 'मृत्यु के बाद भी जारी रहेगी 600 वर्ष पुरानी परंपरा', दलाई लामा ने 90वें जन्मदिन से पहले दिया बड़ा संकेत

'मृत्यु के बाद भी जारी रहेगी 600 वर्ष पुरानी परंपरा', दलाई लामा ने 90वें जन्मदिन से पहले दिया बड़ा संकेत

 Published : Jun 30, 2025 01:53 pm IST,  Updated : Jun 30, 2025 01:53 pm IST

दलाई लामा 6 जुलाई को 90 साल के हो जाएंगे। दलाई लामा के 90वें जन्मदिन से पहले ही समारोह शुरू हो गए हैं। इस बीच दलाई लामा ने प्रार्थना समारोह में संकेत दिया है कि उनकी मृत्यु के बाद भी परंपरा जारी रहेगी।

निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा- India TV Hindi
निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा Image Source : AP

Dalai Lama Birthday: निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा 6 जुलाई को 90 साल के हो जाएंगे। इस बीच दलाई लामा ने अपने 90वें जन्मदिन से पहले आयोजित प्रार्थना समारोह में अब तक का सबसे बड़ा संकेत दिया है। दलाई लामा ने संकेत दिया है कि 600 वर्ष पुरानी परंपरा उनकी मृत्यु के बाद भी जारी रहेगी। दलाई लामा की ओर से दिए गए इस संकेत के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वो अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कब करेंगे। दलाई लामा उनका नाम नहीं बल्कि यह पद का संबोधन है उनका असल नाम ल्हामो धोंडुप है। 

पूरे साल मनाया जाएगा दलाई लामा का जन्मदिन

तिब्बती आध्यात्मिक नेता का जन्मदिन पूरे साल मनाया जाएगा। यह 6 जुलाई को मैक्लोडगंज, धर्मशाला में CTA यानी तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल मुख्यालय में शुरू होगा। जन्मदिन के कार्यक्रम अगले साल 5 जुलाई को खत्म होंगे। CTA के कई मंत्रियों ने कहा है कि दलाई लामा 90 साल के होने पर अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कर सकते हैं। 6 जुलाई को दलाई लामा के जन्मदिन समारोह में भाग लेने के लिए दुनिया भर से 300 से अधिक गणमान्य लोगों के धर्मशाला पहुंचने की उम्मीद है। 

निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा
Image Source : APनिर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा

2 जुलाई से शुरू होगा धार्मिक सम्मेलन

तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल के स्पीकर खेनपो सोनम तेनफेल ने बताया कि मैक्लोडगंज में 2 जुलाई से एक तीन दिवसीय धार्मिक सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें उत्तराधिकारी पर भी चर्चा होने की संभावना है। स्पीकर ने यह भी कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चीन के बाहर, स्वतंत्र दुनिया से होना चाहिए, जैसा कि हमारे पवित्र नेता ने कहा है। किसी भी स्थिति में तिब्बती सिर्फ दलाई लामा के बताए गए उत्तराधिकारी को ही स्वीकार करेंगे।

चीन करना चाहता है चालबाजी

दलाई लामा ने इस साल मार्च में प्रकाशित अपनी किताब 'वॉइस फॉर द वॉइसलेस' में पहली बार बताया था कि उनका उत्तराधिकारी स्वतंत्र दुनिया में और चीन के बाहर पैदा होगा। दलाई लामा का यह संकेत इस वजह से बेहद अहम है क्योंकि चीन यहां भी अपनी चालबाजी करना चाहता है। चीन चाहता है कि वह उत्तराधिकारी को चुने। तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल की स्थापना 1960 में धर्मशाला, कांगड़ा में हुई थी।

यह भी पढ़ें:

बांग्लादेश में हिंदू लड़की से गैंगरेप के बाद भड़के लोग, हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से VIDEO हटाने का दिया निर्देश

जंग थम गई नहीं टला खतरा! अब UN ने किया बड़ा दावा, कहा-'ईरान फिर शुरू कर सकता है यूरेनियम एनरिचमेंट प्रोग्राम'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश