Sunday, February 25, 2024
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UNGA में संघर्ष विराम का भारत ने किया वेलकम, बंधकों की बिना शर्त रिहाई की अपील

गाजा में संघर्ष विराम के बीच फिलिस्तीन ने 12 और बंधकों को रिहा किया है। इसके बदले ​इजराइल ने 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। वहीं भारत ने यूएनजीए में इस युद्ध विराम का स्वागत किया है।

Deepak Vyas Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
Updated on: November 29, 2023 8:04 IST
NGA में संघर्ष विराम का भारत ने किया वेलकम- India TV Hindi
Image Source : ANI NGA में संघर्ष विराम का भारत ने किया वेलकम

Indiia in UNGA: इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम चार दिन के बाद दो दिन और बढ़ गया है। भारत ने जंग के बीच युद्ध विराम के फैसले का स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत ने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिवस के अवसर पर फिलिस्तीनी नागरिकों के साथ दीर्घकालिक संबंधों की पुष्टि की। बता दें, युद्ध में अब तक करीब 15 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, पिछले पांच दिनों से दोनों पक्षों ने सीजफायर घोषित कर दिया है। इस दौरान फिलिस्तीन ने 12 और बंधकों को रिहा किया है। इसके बदले ​इजराइल ने 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। 

नागरिक संकट पर जाहिर की चिंता

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि 29 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिवस है। इस अवसर पर भारत फिलिस्तीनी लोगों के साथ दीर्घकालिक संबंधों की पुष्टि करता है। हम फिलिस्तीनी लोगों के शांति और समृद्धि का समर्थन करते हैं। मध्य-पूर्व में स्थिति तनावग्रस्त है इजराइल-हमास युद्ध के कारण बड़ी मात्रा में नागरिक जीवन की हानि हो रही है। महिलाओं-बच्चों सहित अन्य लोग संकट में है। यह अस्वीकार्य है। हम नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा करते हैं। हम उन तमाम फैसलों का स्वागत करते हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सके।

पीएम मोदी ने गाजा में शांति के लिए प्रयास किए: कंबोज

कंबोज ने आगे कहा कि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों ने सीजफायर का सम्मान किया। सीजफायर की घोषणा मानवीय संकट को कम करने के लिए स्वागत योग्य है। भारत आंतकवाद और नागरिकों को बंधक बनाने की कार्रवाई की निंदा करता है। बंधकों और उनके परिजनों के प्रति हमारी संभावनाएं हैं। बंधकों की रिहाई हो रही है, यह सुकून देता है। हालांकि, कंबोज ने शेष बंधकों की बिना शर्त रिहाई का भी आह्वान किया। 

उन्होंने कहा कि भारत आंतकवाद के खिलाफ सख्त है। युद्ध की शुरुआत होते ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शांति स्थापित करने के लिए तमाम प्रयास किए। पीएम मोदी और जयशंकर ने कूटनीति और बातचीत के लिए ढेरों कोशिशें की। हमारे नेताओं ने मानवीय सकंट पर हमेशा चिंता जाहिर की। 

भारत की मदद का किया जिक्र

कंबोज ने महासभा में बताया कि भारत ने सिर्फ चिंता ही जाहिर नहीं की, बल्कि गाजा में राहत सामाग्री भी भिजवाई। भारत ने अपनी ओर से गाजा में 70 टन मानवीय सहायता भेजी। इसमें 16.5 टन तो सिर्फ दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने हमेशा इजराइल फिलिस्तीन मुद्दे पर बातचीत के माध्यम से दो-राज्य समाधान का समर्थन किया है। भारत एक सुरक्षित और संप्रभु और स्वतंत्र फलस्तीन की कामना करता है। 

 

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