प्योंगपांग: उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे एक 5,000 टन वजनी विध्वंसक पोत का जलावतरण हाल ही में विफल रहा। इससे उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग भयानक गुस्से में हैं। वह जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी से कड़ी सजा देना चाहते हैं। किम जोंग के आदेश के बाद देश के शिपयार्ड से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब पोत अपने जलावतरण समारोह के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। समारोह में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन भी मौजूद थे।
उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में युद्धपोत को एक ओर झुका हुआ और नीले कवर से ढका हुआ देखा गया है, जबकि इसके कुछ हिस्से पानी में डूबे नजर आए। इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोत बताया गया था, जिसे परमाणु मिसाइल सहित अन्य आधुनिक हथियारों से लैस करने के लिए तैयार किया गया है। पोत को हुए नुकसान को "आपराधिक लापरवाही" का परिणाम बताते हुए किम जोंग उन ने घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद चोंगजिन शिपयार्ड के मुख्य अभियंता, निर्माण कार्यशाला प्रमुख और प्रशासनिक मामलों के उप प्रबंधक को हिरासत में ले लिया गया। शिपयार्ड के प्रबंधक हांग किल हो से भी पूछताछ की जा रही है।
उत्तर कोरिया की केंद्रीय सैन्य समिति ने इसे "अक्षम्य आपराधिक कृत्य" करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की घोषणा की है। हालांकि, आधिकारिक बयान में पोत को गंभीर क्षति पहुंचने से इनकार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोत के निचले हिस्से में मामूली खरोंचें आई हैं और उसमें समुद्री पानी भर गया था, जिसे निकालने और मरम्मत करने में लगभग 10 दिन का समय लगेगा। यह असफलता उत्तर कोरिया के लिए एक कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर झटका माना जा रहा है, विशेषकर उस समय जब किम जोंग उन अपने नौसैनिक बलों को अमेरिकी सैन्य दबावों के मद्देनजर मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। (भाषा)
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