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अब आयात से ज्यादा अमेरिका को निर्यात कर रहा भारत, दोनों देशों में सीमा शुल्क समझौते से और बढ़ेगी रफ्तार

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Jun 16, 2023 07:54 pm IST, Updated : Jun 16, 2023 07:54 pm IST

भारत और अमेरिका के बीच रिकॉर्ड व्यापार हुआ है। 2022-23 में दोनों देशों में 128.8 अरब डॉलर का कारोबार किया है। इसमें भारत का 78 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात शामिल है। अब दोनों देश शीघ्र सीमा शुल्क समझौता करने जा रहे हैं। ताकि व्यापार को और बढ़ावा मिल सके।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : FILE प्रतीकात्मक फोटो

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचकर 128 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2022-23 में 128.8 अरब डॉलर का कारोबार हुआ है। इसमें भारत निर्यात करने में आगे निकल गया है। आकंड़ों के अनुसार भारत ने अमेरिका को 78.54 अरब डॉलर का निर्यात किया है। जबकि आयात सिर्फ 50.24 अरब डॉलर का किया है। भारत का निर्यात बढ़ना अच्छी खबर माना जा रहा है। अब भारत और अमेरिका शीघ्र सीमा शुल्क निकासी के लिए एक पारस्परिक मान्यता समझौते (एमआरए) को जल्द पूरा करने की कोशिश में जुटे हैं, जिसमें दोनों देशों के अधिकृत आर्थिक परिचालकों को त्वरित मंजूरी मिलेगी।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के प्रमुख विवेक जौहरी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों ने सितंबर 2021 में अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओ) को मान्यता देने के लिए समझौता किया था। एईओ कार्यक्रम सीमा शुल्क प्रशासन को सुरक्षित एवं लचीले निर्यातकों और आयातकों की पहचान करने और उन्हें बेहतर सुविधा देने में मदद करता है। जौहरी ने उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि भारत और अमेरिका के सीमा शुल्क अधिकारियों ने दोनों देशों के एईओ को मान्यता देने पर चर्चा की है।

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है अमेरिका

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और वित्त वर्ष 2022-23 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.8 अरब अमेरिकी डॉलर का था। इसमें भारत का निर्यात 78.54 अरब डॉलर था जबकि उसने 50.24 अरब डॉलर का आयात भी अमेरिका से किया था। भारत इसी तरह का एक समझौता दक्षिण कोरिया के साथ कर चुका है। इसमें एईओ को त्वरित सीमा-शुल्क मंजूरी मिलती है। जौहरी ने कहा, ''शीघ्र सीमा शुल्क समझौते का मूल्यांकन पहले ही किया जा चुका है और समझौते की भाषा और मसौदे पर भी काम किया गया है। अब इसकी जांच की जा रही है। हम इसे जल्द से जल्द पूरा करेंगे।'' यह पूछने पर कि एईओए कब तक लागू होगा, जौहरी ने कहा कि इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं है। उन्होंने कहा, ''इसके लिए एक प्रक्रिया है, जिससे हमें गुजरना पड़ता है और यह मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास जाएगा, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। इसलिए हम इस प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।'' (भाषा)

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