भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की रूपरेखा सामने आ गई है। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत का जो नक्शा जारी किया है, उसे देखकर पाकिस्तान को मिर्ची लग सकती है। जानें क्या है वजह?
इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे अमेरिका में वस्त्र, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक एवं रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काफी अवसर प्राप्त होंगे।
भारत और अमेरिका की ट्रेड डील को लेकर ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया है। जानकारी के मुताबिक, NSA अजीत डोवल ने अमेरिका से भारत की आलोचना बंद करने को कहा था।
ट्रंप ने पीएम मोदी से बातचीत के बाद दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। इसके बाद अब क्रेमलिन की तरफ से ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया सामने आई है।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने अपनी शर्तो पर यह डील की है। इसमें किसानों और डेरी के तमाम हितों का ध्यान रखा गया है। इस डील का फाइनल करने से पहले काफी अनसुलझे मुद्दों को सुलझाया गया और फिर यह डील आपके सामने है। डील पर जल्द ही भारत-अमेरिका का साझा बयान आएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ अहम व्यापार समझौते का एलान किया है। अमेरिका अब 25 की जगह सिर्फ 18 फीसदी टैरिफ लेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की है।
चीन से कनाडा और ब्रिटेन की ट्रेड डील से अमेरिका बौखला गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा के बाद अब ब्रिटेन को भी चीन से डील करने पर बड़ी धमकी दी है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के कारण पाकिस्तान परेशान नजर आ रहा है। निर्यात पर पड़ने वाले प्रभावों से निपटने के लिए पाकिस्तान ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई फ्री ट्रेड डील को लेकर बड़ा बयान दिया है। स्कॉट बेसेंट ने इस समझौते को निराशाजनक बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप के सांसद जेमिसन ग्रीर ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई फ्री ट्रेड डील को लेकर बड़ा बयान दिया है। ग्रीर ने इस डील को भारत के फायदेमंद बताया है।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने वैश्विक व्यापार के समीकरण बदल दिए हैं। इस समझौते के ऐलान के साथ ही जहां भारतीय उद्योगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है, वहीं बांग्लादेश और तुर्की जैसे देशों की चिंता साफ नजर आने लगी है।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बढ़ते कदम देश के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। 27 देशों वाले यूरोपीय समूह द्वारा आयात शुल्क में दी गई रियायतों से भारतीय उत्पाद यूरोप में ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि आज एक और ऐतिहासिक अवसर है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच बड़ा आर्थिक समझौता हो गया है। पीएम मोदी ने इस ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है।
भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच एक अहम ट्रेड डील का ऐलान होने जा रहा है जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस डील से अमेरिका चिढ़ गया है। ट्रंप के मंत्री ने यूरोप को धोखेबाज तक बता दिया है।
भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अंदर की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है जिसमें बड़ी बातें कही हैं।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर जिद से यूरोप के देश भी खफा हैं। अब यूरोपियन यूनियन ने संसद ने अमेरिका से साथ हुए ट्रेड डील को सस्पेंड कर दिया है।
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ाईद अल नाहयान आज ऐसे मौके पर भारत आए जब मिडिल ईस्ट में तेजी से डेवलपमेंट हो रहे हैं। यमन में सऊदी अरब और UAE आमने सामने हैं। पीएम मोदी ने UAE के प्रेसिडेंट के साथ कई मसलों पर चर्चा की।
आज अमेरिका ने मान लिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसी के सामने नहीं झुकते. आज अमेरिका ने बता दिया कि प्रेसिडेंट ट्रंप बार बार क्यों कह रहे हैं कि मोदी अच्छे लीडर हैं. उनके अच्छे दोस्त हैं. लेकिन आजकल उनसे थोड़े नाराज़ चल रहे हैं.
अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियों पर भारत ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि पीएम मोदी ने व्यापार समझौते के लिए डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था। जानें भारत ने और क्या क्या कहा?
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