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ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से मचा सियासी घमासान, पीएम स्टार्मर बोले- 'नहीं दूंगा इस्तीफा'

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Feb 10, 2026 07:54 am IST,  Updated : Feb 10, 2026 07:55 am IST

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। एपस्टीन फाइल्स से हुए खुलासों की वजह से उनकी सरकार के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर- India TV Hindi
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर Image Source : AP

लंदन: एपस्टीन फाइल्स के खुलासों से ब्रिटेन में सियासी घमासान मच गया है। इस बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वो अपनी जॉब करते रहेंगे। अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच संबंधों से जुड़े नए खुलासों ने स्टार्मर सरकार को गंभीर संकट में डाल दिया है। 

स्टार्मर पर बढ़ा दबाव

एपस्टीन से जुड़ी अमेरिकी न्याय विभाग की हालिया फाइलों के जारी होने के बाद मेंडेलसन के जेफरी एपस्टीन के साथ गहरे संबंधों की जानकारी सामने आई, जिसके कारण स्टार्मर पर भारी दबाव पड़ रहा है। इस बीच खास ध्यान देने वाली बात यह है कि स्टार्मर ने कभी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और उनके नाम पर किसी यौन दुराचार का आरोप नहीं लगा है। 

मेंडेलसन को अमेरिका में नियुक्त किया था राजदूत

मामला 2024 में स्टार्मर के फैसले से शुरू हुआ, जब उन्होंने मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, जबकि मेंडेलसन के एपस्टीन से पुराने संबंध सार्वजनिक थे। पिछले सितंबर में ईमेल्स के बारे में जानकारी सामने आने के बाद स्टार्मर ने मेंडेलसन को पद से हटा दिया था। अब नए दस्तावेजों से पता चला कि मेंडेलसन ने 2008-2010 के आसपास एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी (जैसे बाजार-संबंधी डेटा, यूके अर्थव्यवस्था की स्थिति और बैंकिंग नीतियां) साझा की थी। 

पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से मांगी माफी

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल ही में पीएम स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी थी और कहा था कि उन्हें मेंडेलसन के झूठ पर विश्वास करने का अफसोस है। उन्होंने मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज जारी करने का वादा किया है, जो दिखाएंगे कि मेंडेलसन ने वेटिंग प्रक्रिया में अपने संबंधों के बारे में गुमराह किया था। संकट के बीच स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया था। मैकस्वीनी ने ही मेंडेलसन की नियुक्ति की सिफारिश की थी।

स्टार्मर के मिला वरिष्ठ नेताओं का साथ

एपस्टीन फाइल्स के लेकर ब्रिटेन में मचे सियासी बवाल के बीच पीएम कीर स्टार्मर ने भी साफ कर दिया है कि वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने लेबर सांसदों की बैठक में कहा, "मैंने अब तक जितनी भी लड़ाइयां लड़ी हैं, सब जीती हैं। मैं अपने देश के प्रति जनादेश और जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा।" इस दौरान वरिष्ठ मंत्रियों ने स्टार्मर का समर्थन किया। उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने एक्स पर लिखा कि ब्रिटेन को बदलने के मिशन से विचलित नहीं होना चाहिए और वो प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं। विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि इस वैश्विक समय में स्टार्मर के नेतृत्व की जरूरत है। पूर्व उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने कहा कि स्टार्मर को उनका पूरा समर्थन है।

बिना चुनाव के भी ब्रिटेन में बदल सकता है पीएम

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ब्रिटेन के संसदीय सिस्टम में प्रधानमंत्री बिना चुनाव के भी बदले जा सकते हैं, जैसा कि कंजर्वेटिव्स ने 2019-2024 में 3 बार किया था। हालात को देखते हुए कुछ लेबर सांसदों ने चेतावनी दी है कि नेतृत्व बदलाव से अराजकता बढ़ सकती है, जैसा टोरीज के साथ हुआ था।

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